छत्रपति शिवाजी महाराज को देश के सर्वोच्च ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्तंभ’ के रूप में आधिकारिक मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अंबेडकर नगर के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना मांगे जाने पर केंद्रीय सूचना आयोग की ओर से दिए गए जवाब में यह स्पष्ट किया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 18 में किसी अन्य महान व्यक्ति को ‘राष्ट्रपिता’ जैसी उपाधि देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज को देश के लिए ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्तंभ’ के रूप में आधिकारिक दर्जा देने की मांग की गई है।
छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना, सुशासन, राष्ट्रभक्ति और संप्रभुता की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ नौसेना के निर्माण और अद्वितीय शौर्य के माध्यम से भारत को महत्वपूर्ण दिशा दी। उनके आदर्श आज भी देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
ज्ञापनकर्ता ने राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्तंभ’ घोषित करने के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाए तथा इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाए।
ज्ञापन के अंत में राष्ट्रहित में शीघ्र कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई गई है।
विकास सनातनी पुत्र ब्रह्मानंद राजेन्द्र प्रताप सिंह कृष्ण कुमार गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे

