आसिम खान को महाराष्ट्र हज कमेटी का CEO अपॉइंट करें
महाराष्ट्र नंदुरबार ( जाविद शेख )
सीनियर पत्रकार और माइनॉरिटी डेवलपमेंट काउंसिल महाराष्ट्र के स्टेट प्रेसिडेंट ताहिर बेग मिर्जा ने मांग की है कि उर्दू और अरबी की जानकारी रखने वाले साल 2020 के IAS ऑफिसर आसिम खान (ISA) को महाराष्ट्र स्टेट हज कमेटी का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बनाने पर फिर से विचार किया जाए।
16 जनवरी, 2026 को IAS ऑफिसर मनोज जाधव को महाराष्ट्र स्टेट हज कमेटी का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अपॉइंट किया गया था। हज कमेटी बनने के बाद यह पहली बार है कि किसी गैर-मुस्लिम ऑफिसर को यह पोस्ट दी गई है, जिससे राज्य में मुस्लिम कम्युनिटी में चर्चा और कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।
हर साल महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में मुस्लिम श्रद्धालु हज यात्रा पर जाते हैं। मिर्ज़ा ने अपने बयान में कहा है कि हज सिर्फ़ एक एडमिनिस्ट्रेटिव मामला नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, सेंसिटिव और इंटरनेशनल नेचर का मामला है, इसलिए इस पोस्ट पर काम करने वाले ऑफिसर को उर्दू और अरबी भाषाओं के साथ-साथ मुस्लिम कम्युनिटी की धार्मिक परंपराओं की जानकारी होना भी ज़रूरी है।
इसके लिए उन्होंने मिस्टर आसिम खान (ISA) का नाम सुझाया है, जो उर्दू से IAS ऑफिसर बनने वाले भारत के पहले ऑफिसर हैं। मिस्टर आसिम खान महाराष्ट्र के धुले ज़िले के रहने वाले हैं और उन्हें उर्दू और अरबी भाषाओं की बहुत अच्छी जानकारी है, साथ ही उन्हें अच्छा एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपीरियंस भी है।
इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजितदादा पवार को रिप्रेजेंटेशन देकर विनम्र मांग की गई है कि मुस्लिम श्रद्धालुओं की सुविधा, भावनाओं और आस्था को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लिया जाए। समाज सरकार से पॉजिटिव रोल निभाने की उम्मीद कर रहा है।
