बिना अनुमति भीड़ लेकर पहुंचे, दोषियों को एक बार माफ करने की घोषणा
रिपोर्टर:--केजन साहू (मोहला, मानपुर)
मोहला - -केंद्रीय विद्यालय एकलव्य मे बालकों से जानवरों की तरह मारपीट एवं छात्राओं के द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला अब राजनीतिक रूप ले लिया है। अब तक तो मूल घटना पर पर्दा ढाकने की कोशिश हो रही थी लेकिन हद तो तब पार हो गया जब जिला भाजपा अध्यक्ष दिलीप वर्मा बिना प्रशासनिक अनुमति के खुद ही जांच अधिकारी बन गए और आदिवासी नाबालिक छात्र-छात्राओं के अति संवेदनशील परिसर में घुसकर स्टाफ को धमकाने लगे मामले में तुरा तो यह भी है कि जिला भाजपा अध्यक्ष ने मारपीट के दोषियों को माफ कर देने की घोषणा कर दी है ।
विदित हो कि केंद्रीय विद्यालय एकलव्य में मारपीट की घटना के बाद विद्यालय व छात्रावास में पनप रही भयावाह अव्यवस्था अब परत दर परत खुलने लगी है। प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा बालको से जघन्य मारपीट के जांच के बाद बाल संरक्षण आयोग ने भी अपनी पृथक से मारपीट तथा एक के बाद एक दो छात्राओं के द्वारा आत्महत्या के प्रयास की जांच शुरू कर दी है। इस ताने-बाने के बीच शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दिलीप वर्मा अचानक स्वयं को जांच अधिकारी बना लिया और अपने कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर वांछित विद्यालय परिषर और छात्राओं के छात्रावास में घुस गए तथा स्टाफ को धमकाने लगे जबकि बालिका छात्रावास परिसर में प्रवेश के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की विधिवत अनुमति अनिवार्य होती है इस अनुमति के बगैर दिलीप वर्मा न केवल अवैधानिक ढंग से स्कूल व छात्रावास परिसर में घुसे बल्कि नाबालिक छात्राओं के छात्रावास तक कार्यकर्ताओं की भीड लेकर पहुंच गए। इस मामले को लेकर ऐसा बताया जा रहा है कि दिलीप वर्मा ने न केवल स्टाफ को धमकाने की गैर जरूरत हरकत कि बल्कि उन्हें इस बार माफ कर देने की घोषणा भी कर दिए घटनाक्रम को लेकर वायरल वीडियो में दिलीप वर्मा स्पष्ट रूप से बोलते नजर आ रहे हैं कि इस बार दोषी शिक्षकों को माफ किया जा रहा है, वीडियो में श्री वर्मा अपनी भीड़ के साथ बालिका छात्रावास में भी नजर आ रहे हैं इसी वीडियो में बालको से भी मारपीट के संबंध में पूछताछ का अंश है जिसमें बच्चा रोकर उनके साथ क्रूरता पूर्वक मारपीट की घटना बताते हुए एकलव्य मानपुर हॉस्टल के अधीक्षक सोनू का नाम ले रहा हैं इस घटनाक्रम के उलट मामले में मोहला के अधीक्षक को हटा दिया गया है इधर प्रशासनिक हल्को में इस बात की चर्चा है कि मारपीट के मामले में जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कठोर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है छात्राओं के घटनाक्रम के पीछे आत्मघाती कदम का बेहद संजिदगी से परीक्षण करने की बात कही जा रही है। प्रथम दृश्या प्रशासनिक अधिकारी बता रहे हैं कि बच्चियों के मौत चुन्ने की घटना के पीछे पारिवारिक कलह है बावजूद छात्रों को घर भेज दिया जाना भी संदेह के दायरे में है । इन सब के बीच इधर जिला भाजपा अध्यक्ष दिलीप वर्मा के कदम ने पूरे मामले को दफन किए जाने के साथ साथ राजनीतिक रूप दे दिया है।
किसी तरह की अनुमति नहीं थी-प्रशासनिक स्तर पर एकलव्य विद्यालय परिसर में घुसने और जांच करने की अनुमति प्रशासनिक तौर पर नेताओं को नहीं दिया गया था। वाईपी सिंह एसपी मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी
एफआईआर दर्ज करे प्रशासन-आदिवासी नाबालिक छात्र-छात्राओं के मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष कैसे जांच अधिकारी बन गया ,किसके परमिशन से भीड लेकर परिसर मे घुसा, बच्चों के शोषण में वो कौन होता है माफ करने वाला इस मामले में तत्काल कलेक्टर एसपी को तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करना चाहिए। इंद्र शाह मंडावी विधायक मोहला मानपुर
एकलव्य परिसर में परिजनों और जांच के लिए भेजे गए अधिकारियों को ही प्रवेश का अनुमति है शेष किसी को नहीं अगर कोई गया है तो उनका निजी निर्णय है। तूलिका प्रजापति कलेक्टर मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी
