NEWS NATION81 | सिवनी
विशेष रिपोर्ट- ऐश्वर्य सुमित मिश्रा,
सिवनी जिले के ग्राम संगई में जन्मे और जबलपुर में पले-बढ़े निपुण सिंह बघेल ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और बहुमुखी व्यक्तित्व के दम पर सिवनी और मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। निपुण सिंह ने फैशन एवं पेजेंट्री की दुनिया में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘रुबरू मिस्टर इंडिया मैनहंट इंटरनेशनल 2025 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। मुंबई में आयोजित भव्य ग्रैंड फिनाले में उन्होंने लगभग 20,000 आवेदकों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
अब निपुण सिंह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। 9 सितंबर 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित होने वाले 24वें ‘मैनहंट इंटरनेशनल’ वर्ल्ड फिनाले में वे भारत की ओर से प्रतिभाग करेंगे। देश का प्रतिनिधित्व करने का यह अवसर निपुण के साथ सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।
संगई से शुरू हुआ सफर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा
निपुण सिंह के पिता श्री भानु प्रकाश सिंह बघेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विजयनगर ब्रांच, जबलपुर में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता श्रीमती सुधा बघेल हैं। निपुण सिंह वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री ब्रजेश सिंह ‘लल्लू’ बघेल के भांजे हैं।
सिवनी के छोटे से ग्राम संगई से शुरू हुआ उनका सफर आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। उनकी सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है और यह साबित करती है कि ग्रामीण एवं छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
इंजीनियरिंग से मॉडलिंग तक का सफर
लगभग 6 फीट 3 इंच लंबे निपुण सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा जबलपुर के सेंट अलोइसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT मणिपाल) से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
वर्तमान में निपुण वैश्विक डेटा एवं मार्केटिंग क्षेत्र की कंपनी Merkle में डिसीजनिंग स्पेशलिस्ट एवं मार्केटिंग टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। कॉलेज के दिनों में यूनिवर्सिटी के फैशन क्लब से शुरू हुआ मॉडलिंग का शौक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। रैंप वॉक और पेजेंट्री के क्षेत्र में निरंतर मेहनत के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल किया।
छह वाद्ययंत्रों के जानकार और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
निपुण सिंह बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। संगीत में उनकी विशेष रुचि है। वे तबला वादन में प्रमाणित हैं तथा गिटार सहित कुल छह अलग-अलग वाद्ययंत्र बजाने में दक्ष हैं। खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। वे राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और कुल पांच अलग-अलग खेलों में सक्रिय रहे हैं।
निपुण बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को अपनी प्रमुख प्रेरणाओं में से एक मानते हैं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिभा और युवाओं की क्षमता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
श्रीलंका रवाना होने से पहले सिवनी की माटी को किया नमन
भारत का प्रतिनिधित्व करने श्रीलंका रवाना होने से पहले निपुण सिंह ने शिव की नगरी सिवनी की पावन धरा को नमन किया। उनके अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत 3 सितंबर से हुई। उनकी माता श्रीमती सुधा बघेल सहित परिवार के सदस्य भी उनका मनोबल बढ़ाने के लिए श्रीलंका के कोलंबो रवाना हुए।
सिवनी से भारत तक गौरव का सफर
निपुण सिंह की उपलब्धि केवल एक पेजेंट खिताब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिवनी की मिट्टी से निकली प्रतिभा के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी है। ग्राम संगई से निकलकर राष्ट्रीय खिताब हासिल करने और अब भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे निपुण पर सिवनी जिले सहित मध्यप्रदेश को गर्व है।
जिलेवासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों ने निपुण सिंह बघेल को कोलंबो में होने वाले अंतरराष्ट्रीय फिनाले के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को उम्मीद है कि निपुण अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाते हुए नई सफलता हासिल करेंगे।

