जनपद सिद्धार्थनगर, 5 सितंबर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद शाखा सिद्धार्थनगर ने बीच सत्र में किए गए तबादलों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता और जिला मंत्री आनन्द गौतम द्वारा दिनांक 05.09.2026 को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर दो लेखपालों के तबादले निरस्त करने और तहसीलदार इटवा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।पत्र में उपशाखा नौगढ़ के पत्र दिनांक 04/09/2026 और तहसील इटवा के पत्र दिनांक 05/09/2026 का हवाला दिया गया है।
क्या है मामला?
तहसील नौगढ़ में कार्यरत लेखपाल श्रीकृष्णा नन्द चौधरी मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और नौगढ़ में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी पत्नी की तबियत ठीक नहीं है और छोटा बच्चा नौगढ़ के स्कूल में पढ़ता है। जिलाधिकारी के आदेश पत्रांक 15067/सात-भूलेख/2026-2027 दिनांक 03/09/26 द्वारा उनका तबादला नौगढ़ से शोहरतगढ़ कर दिया गया है, जिससे बच्चे के शैक्षणिक करियर में एक वर्ष की क्षति और परिवार पर संकट खड़ा हो गया है। संघ ने बताया कि इस तबादले से चौधरी बहुत दुखी और सदमे में हैं।अब बात करे तहसील इटवा में कार्यरत जितेंद्र कुमार यादव को लगभग 3 वर्ष पूर्व इटवा से शोहरतगढ़, फिर लगभग 2 वर्ष पूर्व शोहरतगढ़ से इटवा लाया गया और अब पुनः तीसरी बार इटवा से शोहरतगढ़ तबादला कर दिया गया है। संघ ने इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।संघ का सबसे गंभीर आरोप है कि जितेंद्र यादव की माता जी की तबियत बहुत ज्यादा खराब है, SGPGI लखनऊ रेफर किया गया है, वह जीवन और मृत्यु से लड़ रही हैं, इसी बीच तहसीलदार इटवा द्वारा उनकी छुट्टी निरस्त कर दी गई, जो अत्यंत अमानवीय और निर्मम कृत्य है।
3 दिन का अल्टीमेटम, 9 सितंबर से कलेक्ट्रेट पर धरना
संघ ने पत्र में लिखा है कि बीच सत्र में हो रहे स्थानांतरण को रोकने हेतु कई बार पत्राचार और जिलाधिकारी से मिलकर वार्ता का अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी द्वारा *17/04/2026 व 20/08/2026 को दो बार कार्यवृत्त जारी* किया गया, परंतु किसी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ, उल्टे लेखपालों का शोषण हो रहा है।पत्र में आरोप है कि "धनादोहन के उद्देश्य से लगातार तहसीलों और जिला स्तर पर बीच सत्र में स्थानांतरण किया जा रहा है, जिससे जनपद के लेखपालों में काफी रोष व्याप्त है। ईमानदारी से काम कर रहे किसी भी लेखपाल का भूमाफिया, दलालों के दबाव में बिना कारण कब तबादला कर दिया जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। तहसीलों में अधिकारियों के अमानवीय व्यवहार और जिला प्रशासन के निरंकुश तानाशाही रवैये" से संघ मजबूर है।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि *3 कार्य दिवस में नियम विरुद्ध दोनों तबादले निरस्त नहीं हुए, तहसीलदार इटवा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पूर्व के मांग पत्रों एवं कार्यवृत्तियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दिनांक 09/09/2026 से जनपद की सभी तहसीलों में मांगों के निस्तारण तक संपूर्ण कार्य बहिष्कार के साथ जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट पर वृहद धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
आज धरना प्रदर्शन करते हुए लेखपालों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में जमे हुए हैं।

