संवाददाता : अनिल मालवीय
हरदा जिले कि तहसील सिराली के खिरकिया ब्लॉक के वन ग्राम घोड़ापाट स्थित प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में करीब 60 से 70 बच्चे अध्ययनरत हैं और तीन शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय में अक्सर केवल एक ही शिक्षक के पहुंचने की बात सामने आ रही है। सबसे गंभीर स्थिति विद्यालय की निगरानी व्यवस्था को लेकर बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित जनशिक्षक द्वारा विद्यालय का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता। उनका कहना है कि जनशिक्षक लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और करीब दस वर्षों से उनका स्थानांतरण नहीं हुआ है, जबकि नियमानुसार जनशिक्षकों के कार्यक्षेत्र में समय-समय पर बदलाव किया जाना चाहिए। हालांकि, इस संबंध में विभागीय नियम और वर्तमान पदस्थापना की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
चार बजे ही बंद मिला विद्यालय:
सोमवार को विद्यालय की स्थिति देखने पहुंचे लोगों को स्कूल शाम करीब 4 बजे ही बंद मिला, जबकि जानकारी के अनुसार विद्यालय का निर्धारित समय शाम 4:30 बजे तक है। मौके की तस्वीरें भी विद्यालय के समय से पहले बंद होने की स्थिति को दर्शाती हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब स्कूल में दर्जनों बच्चे पढ़ते हैं तो निर्धारित समय से पहले विद्यालय बंद क्यों मिला और उस समय तक पदस्थ शिक्षक कहां थे?
आदिवासी बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कब तक?
घोड़ापाट जैसे आदिवासी क्षेत्र में सरकारी प्राथमिक विद्यालय बच्चों की शिक्षा का प्रमुख आधार है। ऐसे में यदि तीन शिक्षकों की पदस्थापना के बावजूद नियमित रूप से पर्याप्त शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं और निगरानी व्यवस्था भी प्रभावी नहीं है, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि विद्यालय की उपस्थिति पंजिका, शिक्षकों की ऑनलाइन/बायोमेट्रिक उपस्थिति, जनशिक्षक के निरीक्षण रिकॉर्ड तथा विद्यालय के निर्धारित समय से पहले बंद मिलने की घटना की जांच कराई जाए। साथ ही यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि विभाग इन सवालों का जवाब देता है या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की यह तस्वीर भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाती है।
मामले में BRC रमेश पटेल का कहना है कि घोड़ापाट प्राथमिक विद्यालय में 71 बच्चे अध्यनरत हैं। विद्यालय में तीन शिक्षक पदस्थ हैं। मैं फिलहाल अवकाश पर हूं। अवकाश से लौटते ही मामला दिखाता हूं।

