नगर पालिका डोंगरगढ़ में आरटीआई के जवाब और हाजिरी पंजी में अनियमितताओं का मामला, जांच की मांग :
डोंगरगढ़, 19 अगस्त 2026।
वंचित शोषित सामाजिक संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष मयूर हथेल ने नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ में सफाई प्लेसमेंट कर्मचारियों से संबंधित गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठन के अनुसार नगर पालिका डोंगरगढ़ में वर्तमान में कुल 28 कर्मचारी ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं। सूचना के अधिकार के तहत वर्ष 2025-26 में कार्यरत सफाई प्लेसमेंट कर्मचारियों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। आवेदन में यह पूछा गया था कि उक्त कर्मचारी किस कंपनी या ठेकेदार के अधीन कार्यरत थे तथा उनके एग्रीमेंट से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
आरोप है कि नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) द्वारा आरटीआई के जवाब में यह कहा गया कि सफाई कार्य के ठेके से संबंधित जानकारी निकाय में उपलब्ध नहीं है। संगठन ने इस जवाब को बेतुका और विरोधाभासी बताते हुए सवाल उठाया है कि जब नगर पालिका में 28 कर्मचारी ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं, तब संबंधित कंपनी, ठेकेदार और एग्रीमेंट की जानकारी उपलब्ध नहीं होने का दावा कैसे किया जा सकता है।
साथ ही नगर पालिका में हाजिरी पंजी में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार मियमुद्दीन, देवेंद्र एवं नवीन नामक तीन कर्मचारियों के नाम मार्च 2025 से अप्रैल 2026 तक सफाई प्लेसमेंट कर्मचारियों की हाजिरी पंजी में दर्ज पाए गए। आश्चर्यजनक रूप से इस पूरी अवधि में इन कर्मचारियों की एक भी दिन की अनुपस्थिति दर्ज नहीं की गई।
मामला यह है कि संबंधित कर्मचारियों के नगर पालिका के सफाई विभाग में नियमित रूप से कार्यरत नहीं होने की शिकायत पहले से मौजूद है। ऐसे में बिना किसी अनुपस्थिति के लगातार उपस्थिति दर्ज होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि कर्मचारी वास्तव में कार्यरत नहीं थे, तो उनकी उपस्थिति दर्ज करने और भुगतान जारी करने के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच आवश्यक है।
संगठन प्रदेश अध्यक्ष ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने तथा सफाई विभाग में प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति, उपस्थिति, भुगतान और ठेका प्रक्रिया से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।


