संवाददाता - मनाराम यादव
डीपीआई के आदेश ठंडे बस्ते में, अटैचमेंट से बेहाल सोन का प्राथमिक स्कूल
100 बच्चों की पढ़ाई 1 शिक्षक के भरोसे, अभिभावकों में रोष
बिलासपुर, 11 अगस्त। शिक्षा विभाग में नियम-कानून को दरकिनार कर शिक्षकों और कर्मचारियों को बचाने का खेल लगातार जारी है। डीपीआई द्वारा जारी सख्त निर्देशों और कई पत्रों के बाद भी शिक्षकों की अटैचमेंट की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। इसका ताजा उदाहरण मस्तूरी विकासखंड के ग्राम सोन की शासकीय प्राथमिक शाला में देखने को मिल रहा है।
छात्रावास में अटैच, स्कूल में ताले जैसी स्थिति
जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला सोन में पदस्थ शिक्षिका अनीता दुबे को कुछ महीने पहले नवनिर्मित शासकीय प्री. मैट्रिक अ.जा. कन्या छात्रावास सोन में अधीक्षिका के पद पर अटैच किया गया था। डीपीआई के आदेश के बावजूद आज तक उन्हें स्कूल में रिलीज नहीं किया गया।
एक शिक्षक संभाल रहे पूरा स्कूल
स्कूल की स्थिति चिंताजनक है। यहां पहले 3 शिक्षक पदस्थ थे। कुछ हफ्ते पहले प्रधान पाठिका सेवानिवृत्त हो गईं। अब स्कूल में सिर्फ 2 शिक्षक बचे हैं, जिनमें अनीता दुबे छात्रावास में अटैच हैं। ऐसे में लगभग 100 बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के सभी काम की जिम्मेदारी अकेले शिक्षक नमित पाटले पर आ गई है।
अभिभावकों ने जताई नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। डीपीआई के आदेशों की अनदेखी कर कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल शिक्षिका अनीता दुबे को स्कूल में पदस्थ कर पठन-पाठन सुचारू किया जाए।

