एसएसबी ने गौरीफंटा सीमा पर मानव तस्करी का प्रयास किया विफल, नेपाल से दिल्ली भाग रही नाबालिग लड़की का किया रेस्क्यू :
पलिया (खीरी)। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की गौरीफंटा सीमा चौकी के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक संदिग्ध नेपाली युवक और एक नाबालिग नेपाली लड़की को हिरासत में लिया है। गहन पूछताछ के बाद यह मामला मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) से जुड़ा प्रतीत होने पर एसएसबी ने दोनों को कानूनी औपचारिकताओं के बाद नेपाली स्वयंसेवी संस्था और नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 17.07.2026 कि रात को चेकपोस्ट गौरीफंटा पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रहे एक युवक और युवती को संदिग्ध अवस्था में देखकर जवानों ने उन्हें रोक लिया।
अलग-अलग पूछताछ में युवती ने अपनी पहचान बिंदु रावत (उम्र लगभग 15 वर्ष), पुत्री बम बहादुर रावत, निवासी वार्ड संख्या-06, गाँवपालिका मगरगाड़ी, जिला-बर्दिया (नेपाल) के रूप में दी। वहीं युवक ने अपना नाम प्रकाश ल्वार (उम्र लगभग 19 वर्ष), पुत्र बिर बहादुर बि०क० (ल्वार), निवासी वार्ड संख्या-02, नगरपालिका बुढीगंगा, जिला-बाजुरा (नेपाल) बताया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर यह सच सामने आया कि नाबालिग लड़की पिछले 3 महीनों से फेसबुक के माध्यम से उक्त युवक के संपर्क में थी। वह अपने परिजनों को बिना कुछ बताए युवक के साथ भागकर दिल्ली जा रही थी। युवक दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम करता है और उसके परिजन भी नहारपुर (सेक्टर-07, रोहिणी, दिल्ली) में रहते हैं।मामला सीधे तौर पर नाबालिग के रेस्क्यू और मानव तस्करी की आशंका से जुड़ा होने के कारण एसएसबी ने तुरंत तत्परता दिखाई। सभी आवश्यक कागजी और दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने के बाद:नाबालिग लड़की (बिंदु रावत) को एएचटीयू (AHTU) टीम, भारतीय एनजीओ (MSS), नेपाल पुलिस और नेपाल एपीएफ (APF) तथा उसकी माता पार्वती राना की मौजूदगी में नेपाली एनजीओ 'आशीष' (ASSN) को सौंप दिया गया। युवक (प्रकाश ल्वार) को अग्रिम कानूनी कार्यवाही के लिए एएचटीयू टीम, भारतीय एनजीओ (MSS) और नेपाल एपीएफ की उपस्थिति में त्रिनगर पुलिस (नेपाल) के हवाले कर दिया गया है। 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कमांडेंट रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी, ने कहा सीमा पर मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए 39वीं वाहिनी के जवान पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हैं। गौरीफंटा चेकपोस्ट पर जवानों की सजगता के कारण ही इस नाबालिग लड़की को समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

