सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल को भेजा ज्ञापन :
कांकेर। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के समर्थन में भारत की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल किसी एक क्षेत्र या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन, युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय हैं। संगठन ने कहा कि इन मुद्दों पर देशभर के नागरिकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, इसलिए सरकार को व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने चाहिए।
संगठन ने विशेष रूप से नीट सहित सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पेपर लीक एवं परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए पेपर लीक, भ्रष्टाचार एवं अन्य अनियमितताओं में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध त्वरित, निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ज्ञापन में युवाओं, विद्यार्थियों, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर व्यापक जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र, न्याय, पारदर्शिता और जनहित की भावना के अनुरूप इन सभी विषयों पर सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लेंगी, जिससे देश के युवाओं का विश्वास मजबूत होगा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक बल मिलेगा।

