महात्मा गांधी चिकित्सालय में हाई रिस्क प्रसूताओं के लिए 8 बेड का स्पेशल यर यूनिट प्रारम्भ, अस्पताल में 24 घंटे तैनात रहेंगे वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर:
भीलवाड़ा : जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशानुसार महात्मा गांधी चिकित्सालय में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा हाई रिस्क यानी गंभीर स्थिति वाली प्रसूताओं की विशेष देखभाल के लिए 8 बेड का स्त्री एवं प्रसूति रोग स्पेशल केयर यूनिट प्रारंभ किया गया है। इस नई इकाई में गंभीर तथा जटिल चिकित्सकीय स्थिति वाली प्रसूताओं की सभी आवश्यक जांचें कर उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की सतत निगरानी में भर्ती किया जाएगा, जिससे समय रहते आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सके।
पी एम ओ डॉ अरुण गौड़ ने बताया कि प्रसूता सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल में 24 घंटे वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि आपातकालीन और जटिल मामलों का त्वरित व प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर की सुविधाओं का विस्तार कर और आवश्यक संसाधनों को बढ़ाकर प्रसूति सेवाओं को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है।
अस्पताल में आने वाली सभी प्रसूताओं एवं अन्य रोगियों को आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, प्रसूताओं में एनीमिया (खून की कमी), उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर), मधुमेह (डायबिटीज), बार-बार गर्भपात होना, इन्फेक्शन (संक्रमण), कम उम्र में गर्भधारण, पूर्व में सिजेरियन डिलीवरी होना, पूर्व प्रसव में ज्यादा रक्त-स्त्राव होना, थायराइड विकार, हृदय रोग, किडनी रोग, आरएच नेगेटिव गर्भावस्था एवं भ्रूण की गलत स्थिति (ब्रिच प्रेजेंटेशन) के कारण डिलीवरी हाई रिस्क मानी जाती है। इन सभी जटिलताओं का समय से ही पता लगाया जाना बेहद जरूरी है, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
चिकित्सालय में बीपी, सीबीसी, ब्लड शुगर, ईसीजी, एसजीओटी-एसजीपीटी, यूरिया, क्रिएटिनिन, यूरिन एल्बुमिन और टीएसएच जैसी सभी मुख्य जांचें की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
चिकित्सा अधीक्षक और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० मनीषा बहड ने आमजन से अपील की है कि बिना किसी संकोच के चिकित्सालय में उपलब्ध इन विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाएं।

