भीलवाड़ा संभाग का पहला मामला: आबादी क्षेत्र में मिली सीवेट कैट, 4 बच्चों के साथ सुरक्षित रेस्क्यू
भीलवाड़ा संभाग में पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्र में सीवेट कैट (बीजू) मिलने का अनोखा मामला सामने आया है। वन क्षेत्र लगातार घटने और आबादी बढ़ने के कारण यह दुर्लभ वन्यजीव सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाके तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार सांगानेर निवासी कंवरलाल खटीक ने वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत को सूचना दी कि उनके वेस्ट के गोदाम में एक अज्ञात जंगली जानवर दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही कुलदीप सिंह राणावत अपनी टीम और वन विभाग के जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
गोदाम में बोरों के नीचे सावधानीपूर्वक तलाशी लेने पर वहां एक मादा सीवेट कैट अपने चार नवजात बच्चों के साथ मिली। टीम ने बिना किसी नुकसान के मां और उसके सभी बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उप वन संरक्षक के निर्देशानुसार सीवेट कैट और उसके चारों बच्चों को सुरक्षित रूप से घने वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों का दायरा लगातार कम होने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण जंगली जीव अब आबादी वाले क्षेत्रों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने की सूचना मिले तो घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचित करें।
यह घटना भीलवाड़ा संभाग में वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है और सीवेट कैट के सफल रेस्क्यू को वन विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

