संवाददाता : अनिल मालवीय
हरदा जिले कि तहसील सिराली मे मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं थाना प्रभारी सीताराम पटेल के मार्गदर्शन में सिराली के बालिका एवं बालक छात्रावास में नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं जिम्मेदार जीवन के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के भविष्य को अंधकारमय बनाने के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों, परिजनों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा, महिला सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन तथा कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने समझाइश दी कि यदि कहीं भी नशे का अवैध कारोबार या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समाज को नशा मुक्त बनाने के प्रयास और अधिक प्रभावी हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान बालिका छात्रावास की अधीक्षक कृपा गौर तथा बालक छात्रावास के अधीक्षक मुकेश गुर्जर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सउनि प्रदीप रघुवंशी, सउनि संजय शर्मा, आरक्षक उमेश पवार एवं आरक्षक चांदनी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने, नशा मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग देने तथा स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई।
विद्यार्थियों ने भी पुलिस द्वारा संचालित इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

