परवन नदी, शेरगढ़ पर संयुक्त बाढ़ राहत मॉक अभ्यास "जंगी सहयोग : बारां–2026" का सफल आयोजन :
शेरगढ़ (बारां), 23 जुलाई। बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से गुरुवार को परवन नदी, शेरगढ़ पर संयुक्त बाढ़ राहत मॉक अभ्यास "जंगी सहयोग : बारां–2026" का सफल आयोजन किया गया।
इस संयुक्त अभ्यास में भारतीय सेना की 1 मराठा लाइट इन्फैंट्री (1 MARATHA LI) की फ्लड रिलीफ कॉलम, NDRF, SDRF, जिला प्रशासन, राजस्थान पुलिस तथा नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आधुनिक तकनीक आधारित बचाव प्रणालियों का परीक्षण करना तथा बाढ़ आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाना था।
अभ्यास से पूर्व सभी सहभागी एजेंसियों द्वारा परवन नदी के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण कर जलस्तर का आकलन किया गया, संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई तथा उपलब्ध संसाधनों की तैनाती की योजना बनाई गई। इसके बाद समन्वय बैठक आयोजित कर सभी एजेंसियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
मॉक अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों के बचाव का यथार्थपरक प्रदर्शन किया गया। SDRF के गोताखोरों द्वारा खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया, संयुक्त रूप से घायलों की सुरक्षित निकासी (CASEVAC), बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं पुनर्जीवन (Resuscitation) का प्रदर्शन किया गया। साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए रिमोट संचालित लाइफ बॉय के माध्यम से बचाव कार्य का सफल प्रदर्शन भी किया गया।
अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था, संसाधनों के समेकित उपयोग तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का प्रभावी परीक्षण किया गया। इस संयुक्त अभ्यास ने यह सिद्ध किया कि किसी भी बाढ़ आपदा की स्थिति में सभी एजेंसियाँ समन्वित, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।
यह संयुक्त मॉक अभ्यास प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता, तैयारियों तथा जन-जीवन की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

