अखिल मारवाड़ी महिला समिति, भीलवाड़ा शाखा की ओर से महिला सशक्तिकरण प्रकल्प के तहत “मोबाइल कितना उपयोगी और अनुपयोगी है” विषय पर एक विशेष विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में महिलाओं ने मोबाइल फोन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संतुलित उपयोग का संदेश दिया।
शाखा संपादक सुमन असावा ने बताया कि नारी परिवार की आधारशिला है और वही परिवार को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम की शुरुआत शाखा अध्यक्ष मधु लड़ा और सचिव अनुपमा मंत्री ने महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ की।
महिला सशक्तिकरण प्रकल्प प्रभारी जतन हिंगड़ ने कहा कि मोबाइल आज के समय में जरूरी साधन है, लेकिन इसका उपयोग सतर्कता और जागरूकता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे मोबाइल का सीमित उपयोग कर परिवार और बच्चों के साथ अधिक समय बिताएं।
गोष्ठी में उपस्थित सदस्याओं ने कहा कि मोबाइल जहां जानकारी और संपर्क का सशक्त माध्यम है, वहीं इसके अत्यधिक उपयोग से पारिवारिक संवाद और बच्चों के विकास पर असर पड़ता है। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे मोबाइल का कम उपयोग कर परिवार को अधिक समय देंगी और बच्चों को भी डिजिटल संतुलन के लिए प्रेरित करेंगी।
कार्यक्रम सुभाष नगर स्थित किड्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित किया गया। बाल विकास प्रकल्प प्रभारी मंजू बलदवा का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर सह सचिव निर्मला बाहेती, उर्मिला अजमेरा, रेखा बांगड़, लक्ष्मी प्रजापत, प्रियंका, चंद्रकांता, सलोनी जैन, मंजू जैन, चंदा कंवर, दुर्गा कंवर, प्रिया राजपूत, अनुराधा राठौर, दीप्ति चुंडावत, सोनिया पालीवाल, मनीषा सिसोदिया सहित दो दर्जन से अधिक सदस्याएं उपस्थित रहीं।
