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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) | कलेक्टर के कार्यकाल पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो का हमला..........NN81



मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कलेक्टर डॉ.राहुल वेंकट के कार्यकाल को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनता, किसानों और कर्मचारियों के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शिता और संवेदनशीलता के मानकों पर खरा नहीं उतर पाई। पूर्व विधायक ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में संविदा भर्ती के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं, जहां नियमों को दरकिनार कर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भी लाभार्थियों तक सही तरीके से लाभ पहुंचने के बजाय गड़बड़ियों की चर्चा अधिक रही। शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को उन्होंने भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि महिला शिक्षकों को दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजा गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल कोटाडोल में हुए नकल प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि इस घटना में 36 विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ,जिन्हें दो वर्षों तक परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा,जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों पर नियम विरुद्ध निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई कर भय का माहौल बनाया गया। गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि शासन के प्रतिबंध के बावजूद दक्षिण भारत के एक NGO के माध्यम से नियमविरुद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिले का परीक्षा परिणाम पूरे प्रदेश में 33 वें स्थान पर रहा, जो चिंताजनक है उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस नाम पर गरीब और ग्रामीणों को अधिक परेशान किया गया। वहीं धान खरीदी के दौरान किसानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाकर परेशान किया गया, जिससे अन्नदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर आम जनता से दूर रहे। मिलने का समय सीमित होने के कारण दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण अपनी समस्याएं ठीक से नहीं रख पाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “साहब का चैंबर ही उनकी दुनिया बन गया था

अंत में उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल का परिणाम यह रहा कि जनता, किसान और कर्मचारी सभी परेशान रहे, जबकि प्रशासन जमीनी स्तर पर सक्रिय होने के बजाय औपचारिकताओं तक सीमित दिखाई दिया ।

मनीराम सोनी  

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