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मानवता की अनुपम सेवा है देहदान - जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान : NN81

 

संवाददाता,

दरबार सिंह ठाकुर तहसील देपालपुर जिला इंदौर मप्र 


 उल्लास कार्यक्रम में देहदान का संकल्प लेने वाले परिवारों का सम्मान, प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित 


देपालपुर -  गांधी जयंती के अवसर पर माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति, देपालपुर के तत्वावधान में ‘उल्लास’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, उनके सत्य, अहिंसा एवं स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।


कार्यक्रम का विशेष आकर्षण देहदान का संकल्प लेने वाले परिवारों का सम्मान रहा। तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने देहदान के संकल्प को मानवता के प्रति अनुपम सेवा बताते हुए देहदानी परिवारों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।


इस अवसर पर जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि देहदान केवल मृत्यु के बाद शरीर का दान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, चिकित्सा और मानव सेवा का अमूल्य उपहार है।श्री खान ने हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री अवनीन्द्र कुमार सिंह द्वारा सपत्नीक देहदान की घोषणा को प्रेरणा बताते हुए देहदान के प्रतिसमाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान किया।


 देहदान के संकल्प को मिला सम्मान 


ग्राम छड़ौदा निवासी देहदानी रतन सिंह आजाद तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं देहदानी स्वर्गीय सुरेश चंद्र दुबे की स्मृति में उनकी पुत्री श्रीमती निशा चतुर्वेदी एवं श्रीमती उषा ज़मीदार को शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।


देहदानी रतन सिंह आजाद एवं देहदानी परिवारों की ओर से श्रीमती निशा चतुर्वेदी ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन में देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देहदान मानवता की सेवा का ऐसा संकल्प है, जिसका लाभ मृत्यु के बाद भी समाज को मिलता रहता है। उन्होंने लोगों से देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और इस मानवीय अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।


 न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने भी किया जागरूक 


कार्यक्रम में सीनियर सिविल जज एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रिजवाना कौसर, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री दिव्या श्रीवास्तव, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अंतर सिंह मौर्य तथा वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पटेल ने भी देहदान को सामाजिक चेतना, चिकित्सा शिक्षा और मानव कल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए समाज में इसके प्रति भ्रांतियों को दूर करने तथा व्यापक जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।


 प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र 


उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत गांधीजी की जीवनी, उनके विचारों तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर आधारित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। अधिवक्ता वर्ग से निबंध प्रतियोगिता में मनोज देसाई तथा कर्मचारी वर्ग से निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रवीण बैरागी को प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों के पुत्र-पुत्रियों के लिए विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को भी प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए अतिथियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता एवं सामाजिक सरोकारों की भावना को मजबूत करती हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य रजनी पवार, चेतन हडिया, पंकज तिवारी मनोज देसाई अंकुश जैन,प्रदीप गोस्वामी, रिजवान मंसूरी, वीरेंद्र नागर, विजय चौहान एवं आरसी दुबे सहित समस्त अधिवक्तागण और न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन संघ के सचिव दिनेश डोंड ने किया, जबकि अधिवक्ता चेतन हार्डिया ने आभार व्यक्त किया।

गांधी जयंती पर आयोजित यह उल्लास कार्यक्रम केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देहदान जैसे संवेदनशील और मानवीय विषय को सामाजिक चेतना के केंद्र में लाने की अभिनव पहल के रूप में सामने आया।

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