हिमांशु शार्दूल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई
शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोण्डागांव 7 अक्टूबर तक चलेगा राहत अभियान आपदा की घड़ी में सेवा, संवेदना और मानवता का परिचय देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोण्डागांव द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए बाढ़ राहत अभियान का शुभारंभ 1 अक्टूबर से किया गया है। यह अभियान लगातार 7 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से बाढ़ से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाने और समाज के लोगों को राहत कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महाविद्यालय की संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम, रासेयो जिला संगठक शशिभूषण कन्नौजे तथा कार्यक्रम अधिकारी श्री समलेश पोटाई के मार्गदर्शन में रासेयो स्वयंसेवक अभियान को गति दे रहे हैं। स्वयंसेवकों द्वारा राहत कार्यों में सहयोग करने के साथ लोगों को जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस मानवीय अभियान में रासेयो स्वयंसेवक खिलेंद्र नेगी, मुंजी बघेल, अंजू बोस, वेश कुमार, समीर कोर्राम, अंजू नेताम, प्रतिमा नेताम एवं साहिल कुर्रे सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। स्वयंसेवकों का प्रयास है कि संकट की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित लोगों को अकेला महसूस न होने दिया जाए और समाज के सहयोग से उनके लिए राहत एवं उम्मीद का वातावरण तैयार किया जाए।
रासेयो इकाई ने आम नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि आपदा किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे समय में जरूरतमंदों के लिए बढ़ाया गया एक हाथ, दिया गया छोटा-सा सहयोग या समय का कुछ हिस्सा भी किसी पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
इकाई ने जिलेवासियों, सामाजिक संगठनों एवं युवाओं से आह्वान किया है कि वे आगे आएं और अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग प्रदान करें। सामूहिक सहभागिता से ही राहत कार्यों को प्रभावी बनाया जा सकता है।
रासेयो का यह अभियान केवल राहत पहुँचाने का प्रयास नहीं, बल्कि “सेवा, सहयोग और संवेदना के साथ संकट में खड़े होने” की सामाजिक भावना को मजबूत करने की पहल है। स्वयंसेवकों ने लोगों से अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने की अपील की है।
