नुकसानग्रस्त किसानों की मदद के लिए पंचनामे और फसल निरीक्षण में तेजी
संवाददाता : नवनाथ आव्हाड
प्राकृतिक आपदा और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण फसलों को हुए नुकसान के मद्देनजर नाशिक जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए पंचनामे और फसल निरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है। नुकसानग्रस्त क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, सूखे से संबंधित शासनादेशों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने दी।
जिलाधिकारी कार्यालय के मध्यवर्ती सभागार में सोमवार (28 सितंबर) को आयोजित पत्रकार परिषद में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता नवनाथ सोनवणे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी प्रसाद ने बताया कि जिले में फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रयोग हेतु प्लॉट का चयन, खेतों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू है। फसल कटाई प्रयोग के माध्यम से फसलों की उत्पादकता और नुकसान की वस्तुनिष्ठ जानकारी संकलित की जाएगी।
किसान तत्काल कराएं फसल निरीक्षण की नोंद
प्रशासन ने किसानों से अपने खेतों में फसल निरीक्षण की नोंद तत्काल कराने की अपील की है। फसल निरीक्षण की सटीक नोंद उपलब्ध होने से शासन की विभिन्न राहत एवं मुआवजा प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही किसानों को एग्रोस्टैक पंजीकरण, फार्मर आईडी और सात-बारा उतारे से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सात-बारा उतारे में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे दुरुस्त कराने का अवसर उपलब्ध है। संबंधित किसानों से इस सुविधा का लाभ उठाने का आह्वान प्रशासन ने किया है।
नुकसानग्रस्त किसानों को शासन के निर्देशानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, ऐसा जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने स्पष्ट किया।
