राजनील पोचमपल्लीवार
जिल्हा संवाददाता गडचिरोली
‘पेसा’ क्षेत्र की ग्रमसभाओं को सशक्त बनाने के लिए 3 सितंबर को ‘पंच-सम्मेलन’
गड़चिरोली, 2 सितंबर। अनुसूचित क्षेत्रों की ग्रामसभाओं और ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम बनाने, पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला परिषद, गड़चिरोली की ओर से ‘जिलास्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला एवं पंच-सम्मेलन कार्यक्रम 2026-27’ का आयोजन किया गया है।
यह कार्यक्रम गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे आरमोरी रोड स्थित सुमानंद सभागृह, गड़चिरोली में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं गड़चिरोली जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों होगा। वित्त एवं नियोजन, कृषि, राहत एवं पुनर्वास तथा विधि एवं न्याय राज्यमंत्री एवं जिले के सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
पेसा कानून एवं ग्रामीण विकास पर मंथन
पंचायत क्षेत्र से संबंधित उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 यानी पेसा कानून तथा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी अभियान (ग्रामीण) कानून 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से इस पंच-सम्मेलन का आयोजन किय गया है।
कार्यक्रम में ग्रामसभा, ग्राम पंचायत, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं, रोजगार, आजीविका तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर जनप्रतिनिधियों, पंचों, अधिकारियों और कर्मचारियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। ग्राम स्तर पर संबंधित कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देना तथा रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के संबंध में जनजागरूकता भी की जाएगी।
ग्रामसभा के अधिकार एवं 5 प्रतिशत प्रत्यक्ष निधि पर मार्गदर्शन
कार्यशाला में ‘पेसा कानून : अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधान’ विषय पर राज्य पेसा प्रकोष्ठ के संचालक शेखर सावंत मार्गदर्शन करेंगे। इसके बाद ‘ग्रामसभा के अधिकार एवं पेसा के अंतर्गत ग्राम पंचायत की भूमिका’ विषय पर प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
अनुसूचित क्षेत्रों की पेसा ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 5 प्रतिशत प्रत्यक्ष निधि योजना पर भी स्वतंत्र सत्र आयोजित किया जाएगा।
दोपहर के सत्र में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी अभियान (ग्रामीण) कानून 2025 की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्यों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा पेसा कानून के निर्देशों के अनुसार मजदूरी घनत्व एवं प्रबंधन नियम 2026, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथधरण एवं पशु विकास जोड़रस्ता योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर, अनुभव संवाद, आगामी कार्यवाही तथा समापन सत्र आयोजित होगा।
जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की रहेगी उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में लोकसभा सदस्य डॉ. नामदेव किरसान, विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी, सुधाकर अडबाले एवं अरुण लखानी, विधानसभा सदस्य डॉ. धर्मरावबाबा आत्राम, डॉ. मिलिंद नरोटे एवं रामदास मसराम उपस्थित रहेंगे।
इसके साथ ही जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, मुख्य वनसंरक्षक डॉ. गजेंद्र नरवणे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, पुलिस अधीक्षक एम. रमेश तथा राज्य पेसा प्रकोष्ठ के संचालक शेखर सावंत की प्रमुख उपस्थिति रहेगी।
इस पंच-सम्मेलन के माध्यम से पेसा कानून के प्रावधानों एवं ग्रामसभाओं के अधिकारों के संबंध में ग्रामस्तरीय व्यवस्था की समझ को व्यापक बनाने तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
जिला परिषद की ओर से अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र भुयार, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा के परियोजना संचालक राहुल काळभोर, विकसित भारत जी राम जी (ग्रामीण) के अतिरिक्त कार्यक्रम समन्वयक चेतन हिवंज तथा उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) पंकज भोयर ने संबंधित जनप्रतिनिधियों, पंचों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस जिलास्तरीय कार्यशाला एवं पंच-सम्मेलन में उपस्थित रहने की अपील की है।

