संवाददाता : मंजीत मौर्य
मानकों को दरकिनार कर कराई गई बोल्डर पीचिंग, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल ;
महराजगंज।जिले के पनियरा विकास खंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाला रोहिन नदी का जर्दी-डोमरा तटबंध वर्तमान में अति संवेदनशील श्रेणी में आ चुका है। मानसून की लगातार हो रही बारिश के बीच तटबंध की खस्ताहाल और जर्जर स्थिति ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जर्दी गांव के पास हाल ही में सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए बोल्डर पीचिंग कार्य की गुणवत्ता पर भी अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर काम को जैसे-तैसे अधूरा छोड़ दिया है, जिससे खतरा कम होने के बजाय और अधिक बढ़ गया है।
__
रेनकट और रैट होल बने तबाही का कारण, मिट्टी के ढेर लगाकर भूला विभाग
स्थानीय जर्दी गांव निवासी राजू पासवान ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि तटबंध की मरम्मत के नाम पर सिंचाई विभाग हर साल केवल कोरम पूर्ति करने में जुटा रहता है। इस बार भी बंधे पर जगह-जगह गहरे 'रेनकट' (पानी के बहाव से कटी मिट्टी) और बड़े-बड़े 'रैट होल' (चूहों के छेद) बने हुए हैं। यह विभागीय घोर लापरवाही और उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करने के लिए काफी हैं।
वहीं, गांव के श्रवण गौड़ ने बताया कि जर्दी गांव के नए गांव टोले के पास बांध की स्थिति बेहद नाजुक और खतरनाक हो चुकी है। विभाग ने मरम्मत के नाम पर सड़क पर केवल मिट्टी के ढेर बनाकर छोड़ दिए हैं। बारिश का पानी इन ढेरों को बहा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रफ्तार से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, यदि यह तेज उफान में बदलती है तो रोहिन नदी के जलस्तर का दबाव यह जर्जर बांध नहीं झेल पाएगा और तटबंध कहीं से भी टूट सकता है।
___
13 गांवों पर मंडराया बाढ़ का संकट, खौफ के साए में ग्रामीण
तटबंध के कमजोर होने और कटान की आशंका से आसपास के करीब 13 गांव सीधे तौर पर बाढ़ की भारी त्रासदी की चपेट में आ सकते हैं। रोहिन नदी के रौद्र रूप और तटबंध की बदहाली को देखते हुए तटीय इलाकों के हजारों निवासी दिन-रात खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं
> तटबंध के अति संवेदनशील स्थलों पर मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। जहां भी रेनकट और रैट होल की शिकायत मिली है, वहां मिट्टी और बोल्डर पैकिंग का कार्य जारी है। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मानक के विपरीत कार्य होने की शिकायत है, तो इसकी जांच कराकर तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। बाढ़ नियंत्रण के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।

