पाली--संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (एसजीटीपीएस) में सुरक्षा व्यवस्था के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है। अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहने वाला यह विद्युत केंद्र फिर एक गंभीर हादसे के कारण चर्चा में है। शिपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बैडमिंटन क्लब में मरम्मत कार्य के दौरान एक ठेका मजदूर ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ने परियोजना प्रबंधन, सिविल विभाग और सेफ्टी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार सिविल विभाग के अंतर्गत बैडमिंटन क्लब में मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान ठेका मजदूर हीरालाल काम करते समय अचानक पैर फिसलने से नीचे गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। घायल मजदूर को तत्काल एसजीटीपीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि जिस समय मजदूर काम कर रहा था, उस दौरान उसने हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखे थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूर को ऊंचाई पर काम करने की अनुमति किसने दी? क्या कार्य शुरू होने से पहले सुरक्षा निरीक्षण किया गया था या फिर नियमों को केवल औपचारिकता मान लिया गया?
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना सेफ्टी ऑफिसर और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है। बावजूद इसके लगातार सामने आ रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन गंभीरता से नहीं कराया जा रहा। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
यह पहली बार नहीं है जब एसजीटीपीएस में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी ठेका मजदूरों से जुड़े कई मामलों में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रबंधन इस घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा या फिर हर बार की तरह मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। मजदूरों की जान से खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा, इसका जवाब अब परियोजना प्रबंधन को देना होगा।

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