रिपोर्ट : शिव प्रसाद अकेला
हडलाय खुर्द पंचायत के बिलों पर उठे सवाल:
जून में लाखों के भुगतान की बिलों में जीएसटी संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं ग्रामीणोने की जांच की मांग :
अरनिया कला (शिव प्रसाद अकेला) जनपद पंचायत कालापीपल की ग्राम पंचायत हडलाय खुर्द में विकास कार्यों के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आए बिलों में कई प्रविष्टियां हस्तलिखित हैं और कुछ विवरण स्पष्ट रूप से पढ़े नहीं जा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब पंचायत के खर्च का रिकॉर्ड सार्वजनिक होता है, तो भुगतान के लिए लगाए गए बिल इतने अस्पष्ट क्यों हैं?
दस्तावेजों के अनुसार एक बिल में महेश्वर ट्रेडर्स के नाम से सामग्री की प्रविष्टि दर्ज दिखाई दे रही है। बिल में मात्रा, दर और कुल राशि का उल्लेख है, लेकिन लिखावट और दस्तावेज की स्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट नहीं हो पा रही हैं।
एक ही पंचायत, अलग-अलग भुगतान वाउचर
उपलब्ध दस्तावेजों में एक भुगतान वाउचर में ₹1.75 लाख की राशि दर्ज दिखाई देती है, जबकि दूसरे वाउचर में ₹10,5000का भुगतान दर्शाया गया है। ₹10,5000 वाले वाउचर में 30 इकाई/नग की दर ₹3500 बताकर कुल राशि ₹10,5000 अंकित की गई है।
बड़ा सवाल—बिल साफ क्यों नहीं?
पंचायत के विकास कार्यों में जनता का पैसा खर्च होता है। ऐसे में बिल पर सामग्री का स्पष्ट विवरण, मात्रा, दर, कुल राशि, संबंधित फर्म की जानकारी और आवश्यक कर संबंधी विवरण साफ-साफ होना जरूरी है। यदि मूल दस्तावेज ही अस्पष्ट या अधूरे हैं तो आम ग्रामीण यह कैसे पता लगाए कि किस सामग्री पर कितना भुगतान किया गया और वास्तव में वह सामग्री पंचायत को मिली भी या नहीं?
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के भुगतान रिकॉर्ड की मूल बिलों, माप पुस्तिका , जीएसटी/टैक्स संबंधी दस्तावेज और भुगतान विवरण से जांच कराई जानी चाहिए। इससे ही स्पष्ट होगा कि कागजों में दर्ज भुगतान के मुताबिक वास्तविक कार्य और सामग्री मौके पर उपलब्ध है या नहीं।
जांच हुई तो खुल सकता है पूरा हिसाब
मामले में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि हडलाय खुर्द पंचायत के संबंधित कार्यों की दस्तावेजी एवं भौतिक जांच कराई जाए। साथ ही भुगतान से जुड़े सभी बिल और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, ताकि पंचायत के खर्च को लेकर बनी शंकाओं का समाधान हो सके।
अब सवाल यह है कि पंचायत के इन बिलों की जांच कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी यह स्पष्ट करेंगे कि इन भुगतानों के पीछे वास्तविक कार्य और सामग्री क्या थी? इस संबंध में पंचायत सचिव बाबू लाल धनगर का कहना है कि मैं इस पंचायत में अभी नया आया हूं सरपंच सहाब ने काला पीपल योगेन्द्र जी के पास बिल बाउचर वाटसब कर दिए थे मैं कल देखता हूं


