श्रीभूमि संवाददाता, सचिंद्र शर्मा
प्रधानमंत्री के 'नशा मुक्त युवा' अभियान से जुड़ा असम विश्वविद्यालय, युवाओं को दिया नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश:
3 अगस्त, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में संचालित 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के तहत असम विश्वविद्यालय, सिलचर में शिक्षकों, अधिकारियों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के प्रसारण से हुआ। कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि संतुलित आहार, स्वस्थ मनोरंजन और संतुलित जीवनशैली युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के महत्व पर बल दिया तथा युवाओं से आत्मसंयम, नैतिक मूल्यों और मानसिक दृढ़ता अपनाने का आह्वान किया। इसके उपरांत उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' की शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि ईश्वरभाई उभाडिया ने कहा कि परिवार जिम्मेदार और स्वस्थ नागरिकों के निर्माण की पहली पाठशाला है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक संस्कार, बच्चों के साथ नियमित संवाद, सकारात्मक अभिभावकत्व और भावनात्मक जुड़ाव नशे की रोकथाम की सबसे मजबूत नींव हैं। मुख्य वक्ता प्रो. चिररंजन भट्टाचार्य ने 'प्रोटेक्ट, पैरेंट और पीयर सपोर्ट' के तीन सिद्धांतों को युवाओं के समग्र विकास का प्रभावी आधार बताते हुए योग, खेल, संगीत, नृत्य, नाटक, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा समाजसेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. गंगाभूषण एम. मोलंकाल ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. प्रदोष किरण नाथ, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अधिकारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। असम विश्वविद्यालय तथा इसके संबद्ध महाविद्यालयों के 320 एनएसएस स्वयंसेवकों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. गंगाभूषण एम. मोलंकाल तथा एमजीएडीएम कॉलेज के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज घोष ने किया।

