साहिबगंज झारखंड
जिला ब्यूरो आकाश कुमार
दिनांक......23/08/2026
बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश :
साहिबगंज जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री दीपक कुमार दूबे ने आज गुगल मीट के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
ओझाटोली घाट पर गंगा का जलस्तर लगभग 27.25 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के समतुल्य है। आगामी 1–2 दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल फ्लड रिस्पांस मेजर्स लागू करने का निर्देश दिया।
उन्होंने साहिबगंज, राजमहल एवं उधवा में राहत शिविर तैयार करने, स्वच्छ पेयजल, भोजन, सूखा राशन, दरी-गद्दा, प्रकाश एवं शौचालय, बच्चों के लिए बेबी मिल्क पाउडर तथा मवेशियों के लिए बिचाली-कुट्टी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तटवर्ती एवं दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने को कहा गया। साथ ही तत्काल रसद-पानी का वितरण प्रारंभ करने का निर्देश दिया ।
उन्होने निर्देश दिया कि स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधियों एवं थाना प्रभारियों के माध्यम से प्रभावित लोगों से अपील की जाए कि वे सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाए ।
बचाव कार्य हेतु नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नावों में लाइफ जैकेट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, एंटी-वेनम की पर्याप्त उपलब्धता एवं बोट एम्बुलेंस तैयार रखने को कहा गया। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवा एवं आवश्यक चिकित्सकीय सामाग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी प्रकार के स्वास्थ्य आकस्मिकता की सूचना प्राप्त होते ही मेडिकल टीम बिना किसी विलंब के बोट ऐम्बुलेंस एवं जिला प्रशासन के मोटर बोट के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए। पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पर्याप्त संख्या में मेडिकल टीम उपलब्ध रखने एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
विस्थापित मवेशियों के लिए राहत केंद्र, शेड एवं चारे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही गुमानी नदी के फाटकों से नियंत्रित तरीके से जल निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि नदी के निचले हिस्सों में बाढ़ की संभावना कम हो सके।
उपायुक्त श्री दीपक कुमार दुबे ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन का प्रत्येक तंत्र अलर्ट मोड में रहे। सभी विभाग आपसी सामंजस्य, त्वरित निर्णय एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रभावित लोगों तक राहत, बचाव, भोजन, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि “आपदा की स्थिति में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनजीवन की सुरक्षा है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”

