Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

अव्यवस्थाओं के साये में रहने को मजबूर घुलघुली सीनियर छात्रावास की छात्राएं, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का अभाव : NN81

 


 रिपोर्टर – मदनलाल बर्मन

उमरिया जिले के कंचन ओपन माइंस अधिग्रहण से प्रभावित घुलघुली स्थित सीनियर छात्रावास में रहने वाली छात्राएं गंभीर अव्यवस्थाओं के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्राओं ने बताया कि छात्रावास परिसर में न तो बाउंड्री वॉल है और न ही शौचालय एवं स्नानागार की समुचित व्यवस्था। स्नान के लिए उन्हें कुएं तक जाना पड़ता है, जबकि शौच के लिए सामुदायिक शौचालय का उपयोग करना पड़ता है। छात्रावास से आवश्यक सुविधाएं दूर होने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाता।

छात्राओं का यह भी कहना है कि कंचन ओपन माइंस में होने वाली तेज ब्लास्टिंग के कारण छात्रावास भवन में कई स्थानों पर दरारें आ गई हैं, जिससे भवन की सुरक्षा को लेकर भी भय का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि ऐसे वातावरण में रहकर पढ़ाई करना और सुरक्षित महसूस करना बेहद कठिन हो गया है।

कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं ने बताया कि प्रत्येक गुरुवार को घुलघुली में बाजार लगने के कारण छात्रावास के आसपास काफी भीड़ रहती है। बाउंड्री वॉल नहीं होने से उस दिन उन्हें विशेष रूप से असुरक्षा महसूस होती है।

मामले की जानकारी लेने जब न्यूज़ नेशन 81 की टीम छात्रावास पहुंची तो छात्राओं ने मीडिया के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और जल्द से जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच वीरेंद्र प्रताप सिंह ने भी छात्रावास की समस्याओं को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से आवश्यक व्यवस्थाएं कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि इस वर्ष छात्रावास में नई छात्राओं का प्रवेश भी नहीं किया गया है, जिससे छात्रावास की वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन छात्राओं की सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर शीघ्र कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes