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नशामुक्त भारत की ओर कदम: ब्रह्माकुमारीज़ ने स्कूली बच्चों को सिखाए मोबाइल और नशीले पदार्थों के एडिक्शन से बचने के गुर : NN81

 

 रिपोर्टर : अनिल मालवीय 

खिरकिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संपूर्ण भारत में 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान 6 अगस्त से 20 अगस्त के बीच चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राजयोग मेडिटेशन, युवा सहभागिता एवं उत्तरदायी नागरिकता के माध्यम से नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त बनाना है। इस अभियान के अंतर्गत ,शासकीय सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शांति निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल , जवाहर नवोदय विद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चारुवा, सीयॉन रे इंटरनेशनल स्कूल, शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांदला, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहेट कला, शासकीय नवीन हाई स्कूल छीपावड़, शासकीय हाई स्कूल बेड़िया कला, इंडियन पब्लिक स्कूल छीपाबड़, शासकीय नवीन हाई स्कूल टेमलाबाड़ी मॉल ,विभिन्न स्कूलों में इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें बच्चों को बताया गया कि नशा चाहे वह पदार्थ का हो या मोबाइल का हो आज के समय की ज्वलंत समस्या है। कैसे व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आता है में आता है और किस प्रकार से हम अपने को इन एडिक्शन से बचा सकते हैं इसके गुर सिखाए गए।तंबाकू, गुटखा, शराब जैसी नशीली चीजें न केवल शरीर को बीमार करती हैं, बल्कि परिवार और समाज को भी बर्बाद करती हैं। नशे के कारण युवा अपनी पढ़ाई, करियर और संस्कारों से भटक जाते हैं। 

इसके साथ ही आज के समय में बढ़ते *मोबाइल के उपयोग* से भी बच्चों की एकाग्रता और स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। राजयोग ध्यान एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मबल बढ़ाने की प्रेरणा दी गई। नशे की समस्या का समाधान केवल नियंत्रण नहीं, बल्कि जागरूकता, संस्कार, पारिवारिक मूल्यों, सकारात्मक जीवनशैली तथा आत्मिक सशक्तिकरण से संभव है। नशे की स्थायी  रोकथाम केवल नियंत्रण या दवाइयों से संभव नहीं है। तनाव, अकेलापन, निराशा, नकारात्मक सोच तथा जीवन में उद्देश्य की कमी जैसी परिस्थितियाँ व्यक्ति को नशे की ओर ले जा सकती हैं। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के आत्मबल, आत्मसम्मान, निर्णय क्षमता, भावनात्मक संतुलन तथा सकारात्मक सोच को सशक्त बनाकर उसे नशामुक्त, स्वस्थ एवं मूल्यनिष्ठ जीवन अपनाने की आंतरिक शक्ति प्रदान करता है। सभी बच्चों से आह्वान किया गया कि वे—

स्वयं सभी प्रकार के नशों से दूर रहें।

स्वस्थ, सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ जीवन अपनाएँ।

अपने परिवार में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करें।

अपने मित्रों, परिवार एवं समाज के लोगों को "नशामुक्त वीर" बनने के लिए प्रेरित करें। 

विद्यालय प्राचार्यों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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