राजसमंद में आज गुर्जर समाज ने केंद्रीय प्रकाशन विभाग की पुस्तक "भारत के नारी रत्न" में पन्नाधाय के इतिहास से कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पुस्तक में संशोधन की मांग की।
गुर्जर समाज के बैनर तले एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुस्तक में पन्नाधाय की ऐतिहासिक पहचान और जाति का गलत उल्लेख किया गया है। समाज का कहना है कि पन्नाधाय की मूल ऐतिहासिक पहचान गुर्जर समाज से जुड़ी रही है, जबकि पुस्तक में उन्हें खींची राजपूत वंश की क्षत्राणी बताया गया है। साथ ही उनके पुत्र का नाम चन्दन के स्थान पर 'बप्पा' प्रकाशित किए जाने पर भी समाज ने आपत्ति जताई और इसे ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत बताया।
प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुस्तक में प्रकाशित तथ्यों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने, कथित ऐतिहासिक त्रुटियों को तत्काल सुधारने तथा भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की गई।
फिलहाल इस मामले में पुस्तक के प्रकाशक या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

