संवाददाता : विकास सिंह
जिला बीजापुर
कलेक्टर श्री विश्वदीप की पहल, पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक पीड़ित को 5 लाख रुपये की सहायता :
बीजापुर, 20 अगस्त 2026। नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों को राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नक्सली हिंसा से प्रभावित 8 पीड़ितों के लिए कुल 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। प्रत्येक पीड़ित को 5-5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
यह आर्थिक सहायता नक्सली हिंसा के कारण गंभीर रूप से प्रभावित एवं स्थायी रूप से दिव्यांग हुए व्यक्तियों तथा मृतकों के निकटतम वारिसों को पुनर्वास नीति के प्रावधानों के तहत आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से स्वीकृत की गई है। सहायता राशि से प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने और भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
स्वीकृत सहायता से लाभान्वित होने वालों में मृतक सोयम धरमा के निकटतम वारिस उनकी पत्नी श्रीमती सोयम सीता, मृतक धरमैया ध्रुवा के निकटतम वारिस उनकी पत्नी श्रीमती मुन्नका ध्रुवा, मृतक बाड़से पिंटू के निकटतम वारिस उनकी पत्नी श्रीमती हड़मे बाड़से, मृतक कवासी जोगा के निकटतम वारिस उनकी पत्नी श्रीमती मंगली कवासी, मृतक चन्द्रैया मोड़ियम के निकटतम वारिस उनके पिता श्री मारा मोड़ियम, मृतक तुलेश्वर राणा के निकटतम वारिस उनके पिता श्री कमलसाय राणा, मृतक कुरसम मंगलू के निकटतम वारिस उनके पुत्र श्री नंदू कुरसम तथा स्थायी असमर्थ श्री राजू मोड़ियम शामिल हैं।
डीबीटी से 50 प्रतिशत राशि, शेष राशि तीन वर्ष की सावधि जमा
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वीकृत सहायता राशि का 50 प्रतिशत लाभार्थी के बचत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे जमा किया जाए। शेष 50 प्रतिशत राशि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में 3 वर्ष की अवधि के लिए सावधि जमा (एफडी) के रूप में लॉक-इन अवधि के तहत रखी जाएगी।
निर्देशों के अनुसार लॉक-इन अवधि के दौरान सावधि जमा पर अर्जित तिमाही ब्याज का भुगतान लाभार्थी के खाते में किया जाएगा। लॉक-इन अवधि पूर्ण होने के पश्चात सावधि जमा की मूल राशि भी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों एवं नागरिकों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन की ओर आगे बढ़ने में सहयोग देना है।

