संवाददाता : विकास सिंह
जिला बीजापुर
पी एम श्री आवासीय विद्यालय में शौचालय कि स्थिथि का हुआ बुरा हाल : 220 विद्यार्थियों के लिए केवल 2 शौचालय, सैनिटरी पैड की भी कमी
बालिका छात्रावास एकलव्य आदर्श विद्यालय में
जिले के पी एम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ में मूलभूत
सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया है
आश्रम परिसर में शौचालयों है पर उनकी स्थिति बहुत ही खराब है जिससे विद्यार्थियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं
सोच करने के लिए सुबह कतर बद लाइन लगाना पड़ता है जिससे स्कूल जाने में भी छात्रों को बड़ी दुविधा होती है
मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय के बालक छात्रावास में लगभग 220 विद्यार्थी निवासरत हैं। इसके बावजूद छात्रावास में केवल दो शौचालय उपलब्ध हैं। इनमें से भी कुछ शौचालय उपयोग योग्य नहीं हैं।
ऐसी स्थिति में कई विद्यार्थियों को शौच के लिए छात्रावास परिसर से बाहर जंगल की ओर जाना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि इससे छात्र को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्थाएं विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं।
प्राचार्य को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
विद्यालय के प्राचार्य ओम प्रकाश को लेकर पूर्व में भी प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
कलेक्टर बीजापुर द्वारा राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति को भेजे गए पत्र में मानसिक एवं प्रशासनिक प्रताड़ना, असहयोगात्मक व्यवहार तथा प्रशासनिक और शैक्षणिक कमियों का उल्लेख किया गया था। पूर्व में गठित जांच समिति तथा जिला पंचायत के निरीक्षण प्रतिवेदन में भी विद्यालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर टिप्पणियां दर्ज की गई थीं।
मामले पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग देवेंद्र सिंह ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ में शौचालयों की खराब स्थिति एवं सैनिटरी पैड की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

