रिपोर्ट : चंद्रप्रकाश निर्णेजक
मस्तूरी जनपद पंचायत में 131 सरपंचों का प्रशिक्षण संपन्न, वीबी-जी राम-जी अभियान के बदलावों और तकनीकी प्रबंधन की दी गई विस्तृत जानकारी
मस्तूरी। जनपद पंचायत मस्तूरी, के सभा कक्ष में बुधवार को “सरपंचों का प्रशिक्षण” कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन भारत के लिए (VB-G RAM G अभियान 2025) के अंतर्गत आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र की 131 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा रोजगार सहायकों, आजीविका मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना, स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्राम स्तर पर आजीविका योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करना था। प्रतिभागियों को शासन की विभिन्न योजनाओं, महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका, ग्रामीण उद्यमिता, सामुदायिक भागीदारी तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में विशेष रूप से वीबी-जी रैम-जी अभियान में होने वाले सभी बदलावों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सरपंचों को कार्यों की श्रेणियां एवं पात्रता निर्धारण, अभिसरण (Convergence) एवं एकीकृत योजना के ढांचे, विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया, तकनीकी प्राक्कलन एवं आर्थिक प्राक्कलन, आर्थिक प्रबंधन, तकनीकी प्रयोग फ्रेमवर्क तथा कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण संबंधी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मस्तूरी श्री जे. आर. भगत ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला गांव हैं। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि सरपंच सक्रिय होकर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाएं तो गांवों में रोजगार, आय और विकास की गति तेज होगी। उन्होंने सभी सरपंचों से ग्राम स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रुचि विश्वकर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरपंचों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों ने चरणबद्ध तरीके से विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। तकनीकी सहायक त्रिभुवन प्रसाद, राहुल सोनी, रश्मि चौधरी, प्रियंका कश्यप, संतोष देवांगन, संजय पटेल एवं प्रमोद बंजारे ने बारी-बारी से विभिन्न विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण, क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग तथा ग्राम स्तर पर व्यवहारिक उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।समूह चर्चा, प्रस्तुतीकरण और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आगामी चरणों में ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सरपंचों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे ग्रामीण विकास, रोजगार संवर्धन और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

