संवाददाता : अजयकुमार सिंह
वसई-विरार मनपा
आज वसई-विरार की पावन भूमि पर भक्ति, संवेदना और आक्रोश का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में हुई चोरी की विचलित करने वाली घटना के विरोध में नालासोपारा के ओसवाल नगरी सर्किल पर एक बेहद पावन और शांतिपूर्ण "रघुपति राघव राजाराम" संकीर्तन आंदोलन का आयोजन किया गया। यह आंदोलन नालासोपारा ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रीना रामदास वाघमारे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने हाथ में करताल और मंजरी लेकर प्रभु के नाम का जाप किया और सोई हुई मोदी सरकार को जगाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के शीर्ष स्थानीय नेतृत्व ने केंद्र सरकार की रक्षा नीतियों पर कड़े सवाल उठाए।
प्रभु श्री राम के मंदिर में चोरी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला होने के नाते मुझे गहरी ठेस पहुंची है। जो सरकार हमारे आराध्य को सुरक्षा नहीं दे सकती, वह देश की बहन-बेटियों और नागरिकों को क्या सुरक्षा देगी, आज मोदी सरकार ने हिंदुओं की आस्था का मज़ाक बना दिया है।
रीना रामदास वाघमारे (ब्लॉक अध्यक्ष, नालासोपारा कांग्रेस)
प्रभु श्री राम हमारे प्राण हैं, हमारे अस्तित्व का आधार हैं। उनके पावन धाम में चोरी होना देश के सनातनी समाज की भावनाओं पर गहरा आघात है। मोदी सरकार की इस घोर लापरवाही को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी और इस सुरक्षा विफलता के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
रामदास वाघमारे (कार्याध्यक्ष, वसई-विरार कांग्रेस कमेटी)
राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। जहाँ प्रभु राम का मंदिर ही सुरक्षित नहीं, वहाँ देशवासी खुद को सुरक्षित कैसे समझें | पुलवामा और पहलगाम से लेकर अयोध्या तक, यह सरकार सुरक्षा के हर मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है।
रवि भूषण (जिला महासचिव, कांग्रेस)
कांग्रेस 'सर्वधर्म समभाव' की प्रतीक है और हम देश के सभी धर्मों व पूजा स्थलों की रक्षा के लिए सदैव सजग व प्रतिबद्ध हैं। आज मंदिर हो या आम नागरिक, इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। जनता अब इस नाकामी और असुरक्षा के माहौल से पूरी तरह मुक्ति चाहती है।
अशरफ अली (महासचिव, सामाजिक न्याय विभाग, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस)
भक्तिमय और अनुशासित विरोध
रीना रामदास वाघमारे के नेतृत्व में ओसवाल नगरी सर्किल का पूरा माहौल 'रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम' के भजनों से गुंजायमान रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बेहद अनुशासित और धार्मिक गरिमा के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने सामूहिक रूप से देश में सुख-शांति, आपसी भाईचारे और सभी धर्मों के पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी की।

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