रिपोर्ट : ऐश्वर्य सुमित मिश्रा
दिनांक: 29 जुलाई 2026 | बुधवार
'मेंटेनेंस' के नाम पर अंधेरे में बरघाट, विद्युत अधिनियम और MPERC नियमों की अनदेखी का आरोप:
बरघाट। मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बरघाट विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित एवं अनियमित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरघाट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) की विद्युत प्रदाय संहिता (Electricity Supply Code) तथा विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के बावजूद उपभोक्ताओं को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। बिना पूर्व सूचना लंबे समय तक बिजली बंद रखना तथा बार-बार "मेंटेनेंस" के नाम पर कटौती करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है।
ज्ञापन में बताया गया कि बरघाट, धारना, गंगेरूवा, खैरी, आमागढ़, बोरी, बहरई, मलारा, खारी, बचेंदी और केसला सहित अनेक गांवों में घंटों तक बिजली गुल रहने से किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है, विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है तथा छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कई गांवों में बिजली के तार खंभों से नीचे लटक रहे हैं, जो भारतीय विद्युत सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समय पर सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल जमा नहीं होने पर तत्काल कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि बिल जमा करने के बाद पुनः कनेक्शन जोड़ने के लिए ₹340 की अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। उन्होंने इस व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने, मेंटेनेंस कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने, प्रस्तावित बिजली बंदी की पूर्व सूचना सार्वजनिक करने, पूरे बरघाट विधानसभा क्षेत्र में नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों एवं विद्युत उपभोक्ताओं के अधिकारों की लगातार अनदेखी जारी रही और शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरघाट आम जनता के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी।

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