चिचटोला, कोहकाटोला और सुकाटोला जि.प. शालाओं में स्वयंसेवकों की नियुक्ति करें; अन्यथा शालाओं पर ताला लगाकर किया जाएगा उग्र आंदोलन :
सालेकसा : हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा पत्र क्रमांक जा.क्र./पंससा/शिवि/094/1/2026 दिनांक 17 जुलाई 2026 के तहत तालुका की जिला परिषद शालाओं में स्वयंसेवकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए। किंतु इस आदेश में ग्राम पंचायत पिपरिया के अंतर्गत रामाटोला केंद्र की कनिष्ठ प्राथमिक शालाओं चिचटोला, कोहकाटोला एवं सुकाटोला को उनके अधिकार से वंचित रखा गया। इस मामले की जानकारी मिलते ही चिचटोला, कोहकाटोला एवं सुकाटोला की शाला प्रबंधन समितियों ने ग्राम पंचायत पिपरिया के सरपंच गुणाराम मेहर को स्वयंसेवक नियुक्ति से संबंधित शिकायत पत्र सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच गुणाराम मेहर ने पंचायत समिति सालेकसा के गटविकास अधिकारी के नाम मांग पत्र भेजकर 7 अगस्त 2026 तक इन तीनों शालाओं में स्वयंसेवकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 07 अगस्त 2026 (शुक्रवार) तक मांग पूरी नहीं की गई, तो 10 अगस्त 2026 (सोमवार) को संबंधित शालाओं पर ताला लगाकर उनकी चाबी गटविकास अधिकारी, पंचायत समिति सालेकसा को सौंप दी जाएगी। इसके बाद पंचायत समिति परिसर में अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शाला प्रबंधन समिति के सभी पदाधिकारियों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस आंदोलन का नेतृत्व स्वयं गुणाराम मेहर करेंगे।
मांग पत्र की प्रतिलिपि आमगांव-देवरी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 66 के विधायक संजयजी पुराम, पंचायत समिति सालेकसा की सभापति सौ. विनाताई युवराजजी कटरे, गटशिक्षणाधिकारी, पंचायत समिति सालेकसा, तहसीलदार सालेकसा (जिला गोंदिया) तथा थाना प्रभारी, पुलिस स्टेशन सालेकसा को भी भेजी गई है।
गुणाराम मेहर ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यदि स्वयंसेवकों के चयन का अधिकार ग्राम पंचायत को दिया जाता है, तो उनके मानधन की व्यवस्था किस निधि से की जाएगी, इस संबंध में भी वरिष्ठ अधिकारी स्पष्ट आदेश जारी करें। अन्यथा विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

