संवाददाता : देवराज मीणा
मुंडावर, राजस्थान
मुंडावर। उपखड क्षेत्र के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र श्री शीतल दास जी आश्रम, रेणागिरी धाम में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही राजस्थान सहित आसपास के जिलों और गांवों से हजारों श्रद्धालु आश्रम पहुंचे, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने आश्रम में विराजमान पूज्य श्री श्री 1008 श्री शीतल दास जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प, माल्यार्पण एवं श्रीफल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। पूरे दिन दर्शन और गुरु वंदना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
इस अवसर पर जगतगुरु स्वामी बालकदेवाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित गुरुदीक्षा समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंत्र दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन का संकल्प लिया। अपने प्रेरणादायी प्रवचन में स्वामी बालकदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि गुरु जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर सत्य, संस्कार और आत्मबोध का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने धर्म, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, सत्संग एवं वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर गुरु भक्ति में लीन दिखाई दिए।
आयोजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। आश्रम के संतों, सेवकों एवं स्वयंसेवकों ने पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा, प्रसादी वितरण तथा अन्य व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन किया, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, समाजसेवियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता, अनुशासित व्यवस्थाओं और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे जीवनभर याद रहने वाला आध्यात्मिक उत्सव बताया।

