रायसेन: फोरलेन निर्माण और आस्था आमने-सामने! दिगवाड़ सिद्धपीठ हनुमान मंदिर को विस्थापित करने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना, NHAI और प्रशासन के खिलाफ फूटा जनआक्रोश
संवाददाता : नेम सिंह चौहान
दिगवाड़/रायसेन:
एनएचएआई (NHAI) द्वारा निर्मित किए जा रहे फोरलेन सड़क मार्ग और जन-आस्था के बीच टकराव का मामला गरमा गया है। रायसेन जिले के प्रसिद्ध 'ओम आज़ाद मुनि बाबा आश्रम एवं श्री सिद्धपीठ हनुमान जी मंदिर दिगवाड़' को फोरलेन निर्माण के तहत मूल स्थान से हटाकर एक तरफ शिफ्ट किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ 22 जुलाई से मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है।
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला
स्थानीय ग्रामवासियों, मंदिर समिति और क्षेत्र के श्रद्धालुओं का कहना है कि दिगवाड़ धाम एक अत्यंत प्राचीन और जन-आस्था का मुख्य केंद्र है। इस सिद्धपीठ को उसके स्थान से हटाना लाखों भक्तों की धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार है।
एलाइनमेंट बदलने की मांग
धरना दे रहे ग्रामीणों और संतों ने शासन-प्रशासन एवं NHAI से मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी डिजाइन में बदलाव किया जाए। श्रद्धालुओं का सुझाव है कि ओवरपास या कर्व देकर सड़क निकाली जाए, जिससे फोरलेन का निर्माण भी पूरा हो सके और इस प्राचीन मंदिर का अस्तित्व भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक NHAI और जिला प्रशासन की तरफ से मंदिर को यथावत रखने का कोई आधिकारिक निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पूरी निष्ठा के साथ जारी रहेगा।


