संवाददाता : नेम सिंह चौहान
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने 21वीं सदी में भी अंधविश्वास के उस भयानक चेहरे को उजागर कर दिया है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।
गैरतगंज थाना इलाके में बीते कुछ दिनों से लापता विजय जैन की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई मामूली हत्या नहीं, बल्कि 'दफीना' यानी गड़े हुए धन के लालच में दी गई एक 'नरबलि' है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी तांत्रिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला रायसेन जिले के गैरतगंज का है। जहां 9 जुलाई को 42 वर्षीय विजय जैन के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। घर पर ताला लटका था और विजय का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर जब पुलिस की विशेष टीम ने जांच शुरू की, तो 13 जुलाई को ग्राम परासिया के पास नदी किनारे मिट्टी में दबा एक शव बरामद हुआ। शव का हाथ-पैर बाहर दिख रहा था। जब शिनाख्त की गई, तो मृतक की चप्पल, कपड़ों और उसकी बाईं कृत्रिम पत्थर की आंख से पहचान विजय जैन के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड के साथ खुद आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। जब पुलिस ने विजय के कॉल डिटेल्स और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आखिरी बार उसके साथ देखे गए प्रहलाद साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो जो सच सामने आया उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रहलाद साहू ने कबूला कि वह खुद तांत्रिक क्रियाएं करता था। उसे और उसके साथियों—करीम खान और टीकम साहू को यह वहम था कि परासिया नदी किनारे एक चबूतरे के पास भारी मात्रा में गड़ा हुआ धन (दफीना) है। 7 जुलाई को ये तीनों विजय जैन को बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल से नदी किनारे ले गए।
वहां तांत्रिक अनुष्ठान शुरू हुआ। अचानक प्रहलाद साहू चिल्लाया कि "धरती गर्म हो रही है, दफीना बलि मांग रहा है!" इसके बाद तीनों आरोपियों ने विजय जैन को दबोच लिया और कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को वहीं गड्ढा खोदकर दबा दिया और फरार हो गए।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों आरोपियों—प्रहलाद साहू, टीकम साहू और करीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, मोटरसाइकिल और उनके मोबाइल फोन भी जप्त कर लिए गए हैं।
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में एसडीओपी बेगमगंज श्रीमती सोनाली गुप्ता, गैरतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक डी.पी. लोहिया, बेगमगंज थाना प्रभारी राजीव उइके और उनकी पूरी टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई है, जिनकी तत्परता से ये शातिर हत्यारे आज सलाखों के पीछे हैं।
न्यूज़ नेशन 81 आज समाज से यह सवाल पूछता है कि आखिर कब तक अंधविश्वास की वेदी पर मासूमों की बलियां चढ़ती रहेंगी? गड़े धन की चाहत में इंसान कब तक हैवान बनता रहेगा?

