शहर के आजाद नगर सेक्टर-बी स्थित खेजड़ीवाली माताजी कॉलोनी में एक बार फिर स्ट्रीट डॉग्स को लेकर विवाद सामने आया है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि एक वर्ष पहले जिस कोर्ट कर्मी महिला के घर से 88 स्ट्रीट डॉग्स का रेस्क्यू किया गया था, वह अब दोबारा बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को अपने घर में रखने लगी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्तमान में महिला के घर में करीब 30 से 40 स्ट्रीट डॉग्स हैं। आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन मांसाहार खिलाया जाता है, जिससे आसपास गंदगी फैल रही है और पूरे इलाके में तेज दुर्गंध बनी रहती है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि बदबू के कारण उनका घरों से निकलना तक दुश्वार हो गया है। साथ ही कुत्तों के भौंकने और उनके हमलावर होने की आशंका के चलते बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व इसी मकान से 88 स्ट्रीट डॉग्स का रेस्क्यू किया गया था। उस दौरान तीन कुत्तों के शव मौके से मिले थे, जबकि कई कुत्तों के कंकाल भी बरामद होने का मामला सामने आया था।
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में नगर निगम, पुलिस प्रशासन और जिला कलेक्टर को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने सांसद दामोदर अग्रवाल की जनसुनवाई में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन से चार दिनों के भीतर प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
