मानिकपुर विकासखंड के बधौड़ा, कुठीलहाई, भौरी खास, लक्ष्मी पुरवा, मसनी, अतरौली, कुई, जमहिली और भुजौली समेत करीब 10 पुरवों में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण महिलाएं आज गुरुवार की दोपहर 12:00 जिला अधिकारी कार्यालय पहुंची है और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप संकट दूर किए जाने की मांग की है ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव का पेयजल संकट गहराता जा रहा है। घरों तक पाइपलाइन और नल तो पहुंच गए, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी पानी की एक बूंद नहीं मिली। समस्या के समाधान के लिए व आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की।
भौरी के मसनी पुरवा निवासी मैना ने बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क और गलियां खोदी गई थीं। कार्य पूरा होने के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा गया, जिससे आए दिन छोटे बच्चे और पशु उनमें गिरकर घायल हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद विभाग ने दोबारा कोई सुध नहीं ली।
कलावती ने बताया कि घरों के सामने नल कनेक्शन लगा दिए गए हैं, लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। स्थिति यह है कि लगभग 20 घरों के बीच केवल एक हैंडपंप है, जिससे सुबह और शाम पानी भरने के लिए लंबी कतार लगती है। कई बार पानी भरने को लेकर विवाद की नौबत भी आ जाती है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गर्मी और उमस के मौसम में पेयजल संकट और भी गंभीर हो गया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने में रही सिया, गीता, संतोषिया, सवरिया, फूला, सोना सहित कई महिलाएं।
