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बच्चों के हाथों में कलम-किताब हो, औजार नहीं — जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ...............NN81


 



विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर सब जेल देपालपुर में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित


देपालपुर -  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति, देपालपुर के तत्वावधान में सब जेल देपालपुर में विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान के मुख्य आतिथ्य में  किया गया। 

अपने प्रेरक उद्बोधन में जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा कि राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बच्चे ही होते हैं। उनके कोमल हाथों में कलम और किताबें शोभा देती हैं, औजार नहीं। बाल श्रम केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य प्राप्त हो, यह समाज और राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।


जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि जब कोई बच्चा विद्यालय छोड़कर मजदूरी करने के लिए विवश होता है, तब केवल उसका बचपन नहीं छिनता, बल्कि राष्ट्र का भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए  कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल शासन और न्याय व्यवस्था का दायित्व नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक का साझा उत्तरदायित्व है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने बाल अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के प्रसार तथा बाल श्रम एवं बाल विवाह उन्मूलन हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सीनियर सिविल जज श्रीमती रिजवाना कौसर, सुमित्रा ताहेड़,दिव्या श्रीवास्तव, सहायक जेल अधीक्षक आर.एस.कुशवाह,

प्रमुख मुख्य प्रहरी रामेश्वर झणिया, प्रहरी गौरख चौरसिया, विवेक शर्मा, सन्तोष देवलिया, महिला प्रहरी श्रीमति निर्मला डावर,श्रीमति आरती डावर, नायब नाजिर दिलीप यादव सहित समस्त जेल स्टाफ एवं बंदी उपस्थित रहे।

संवाददाता दरबार सिंह ठाकुर

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