पखांजूर क्षेत्र में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था उजागर हो गई। कहीं बच्चे तिरपाल के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं तो कहीं कचरा शेड और अस्थायी झोपड़ियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
ढोरकट्टा में जर्जर स्कूल भवन और वर्षों से लंबित मांगों से नाराज ग्रामीणों ने सत्र के पहले ही दिन स्कूल में तालाबंदी कर दी। वहीं बंगोधोड़िया में बच्चों को कचरा शेड में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जबकि पुराने स्कूल भवन में मजदूरों का कब्जा बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द नए भवन और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
