*भिक्षावृत्ति के दलदल से छः मासूम बालिकाओं को करवाया मुक्त
बारां-: बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, बाल बंधुआ मजदूरी एवं मानव तस्करी के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान उमंग-7 के तहत मंगलवार को बाल अधिकारीता विभाग के सहायक निदेशक राजेश कुमार मीणा के निर्देशानुसार चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम बारां मे निरिक्षण कर रही थी तभी चाइल्ड हेल्पलाइन के मैनेजर मनीष राठौर को झालावाड़ ब्रिज के निचे 7 से 8 नाबालिक लड़कियों का गिरोह जबरन गाड़ियों को रुकवाकर भिक्षावर्ती करते हुवे नज़र आया ,उसी समय पूरी टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों से मैत्रीपूर्ण वातावरण में बातचीत कर पुरे मामले को गहनता से जाँचने मे कॉउंसलर राजकुमारी मीणा और सुपर वाइजर स्वेता अदलक्खा मौजूद रही!
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंडासु जी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देशन मे कालिका पेट्रोलिंग यूनिट बारां ए एस आई चेतना स्वामी और टीम से मीना mfc1252, मीना mfc1263, रोशन mfc 1268, द्रोपती 1261 मोके पर पहुंची और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के साथ मिलकर नाबालिक लड़कियों का रेस्क्यू कर महिला थाने मे लाकर परिजनों के बारे मे पूछताछ की तो पता चला की खंडेलवाल धर्मशाला मे यह आवासित है परिजनों को सुचना देकर दस्तावेजो के साथ थाने बुलाया गया!
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की संयुक्त टीम ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट के साथ मिलकर झालावाड़ ओवर ब्रीज क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सात नाबालिग बच्चियों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया। सभी बच्चों की आयु 10 से 17 वर्ष के बीच पाई गई। पूछताछ में बच्चों ने बताया की हम पाली से आये है और इसी प्रकार लोगो से भीख मांगते है मोके पर पहुंचकर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजेश मीणा ने पूछताछ की तो बच्चो ने बताया कि उनके पिता उनके साथ नहीं रहते है ,बाहर काम करते हैं और उन्हें प्रतिदिन भीख मांगने के लिए भेज देते हैं और यह परिवार खानाबदोश अलग अलग जगह घूमकर जीवन-यापन कर रहे है। बच्चों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा समय-समय पर काउंसलिंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बाल कल्याण समिति, सदस्य खैमराज हाड़ा के समक्ष पेश किया तो उन्होंने बच्चियों को सखी केंद्र बारां मे दाखिला दिया और साथ उनके परिजनों से समझाइस कर शपथ-पत्र लिया कि वे भविष्य में बच्चों से न तो भीख मंगवाएंगे और न ही किसी प्रकार का बाल श्रम करवाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़कर उनके बेहतर भविष्य की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
हेमंत यादव
