गडचिरोली में माओवादियों का हथियार निर्माण कारखाना ध्वस्त:
जंगल में जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान पुलिस और सीआरपीएफ ने किया नष्ट:
गडचिरोली, 28 जून। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ अंतरराज्यीय सीमा से लगे घने बालबेडा जंगल में गडचिरोली पुलिस और सीआरपीएफ ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके हथियार निर्माण से जुड़े गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अभियान के दौरान जवानों ने जंगल में जमीन के भीतर दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया।
पुलिस के अनुसार, गडचिरोली जिले में माओवादी गतिविधियां लगातार कमजोर पड़ रही हैं। इसी क्रम में सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के बालबेडा जंगल में माओवादियों ने हथियार बनाने का कारखाना और बड़ी मात्रा में सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना के आधार पर 26 जून को पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में विशेष अभियान दल, प्राणहिता यूनिट, बीडीडीएस (बम निरोधक एवं खोजी दस्ता) तथा सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
27 जून को जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखी गई करीब 5 से 6 टन वजनी एक लेथ मशीन, 150 क्लेमोर एवं बीजीएल पाइप, 220 नग 12 बोर पाइप, 20 रायफल रॉड मेटल पट्टियां सहित हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादी इस सामग्री का उपयोग हथियार तैयार करने, विस्फोटक बनाने तथा नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य अवसरों पर सुरक्षा बलों पर हमले करने की साजिश में करते थे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बरामद सभी सामग्री को घटनास्थल पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया, ताकि उसका दोबारा उपयोग न हो सके।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी. और पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे की निगरानी में विशेष अभियान दल, प्राणहिता यूनिट, इंटेलिजेंस सेल, बीडीडीएस और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक अंजाम दी।
गडचिरोली पुलिस का कहना है कि माओवादियों के हथियार निर्माण नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है। पुलिस अधीक्षक ने अभियान में शामिल सभी अधिकारियों एवं जवानों की सराहना करते हुए उनके साहस और सतर्कता की प्रशंसा की है।

