अमरोहा जिला अस्पताल में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद इकबाल की सूझबूझ और तत्परता से एक भट्टा मजदूर की जान बच गई। जनपद के एक निजी भट्टे पर काम करने वाले 19 वर्षीय झुरन मांझी को काम के दौरान जहरीले सांप ने डंस लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे कई स्थानों पर लेकर भटकते रहे, लेकिन आखिरकार जिला अस्पताल पहुंचने के बाद समय पर मिले इलाज और डॉक्टरों की मेहनत से युवक की जान बचाई जा सकी। अब झुरन मांझी खतरे से बाहर है और उसके परिजन डॉक्टर मोहम्मद इकबाल का आभार जता रहे हैं।
VO-1: अमरोहा जनपद के एक निजी ईंट भट्टे पर मजदूरी करने वाला 19 वर्षीय झुरन मांझी अपने परिवार का सहारा है। बीती 12 जून को वह रोजाना की तरह काम में व्यस्त था, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। सांप के काटते ही युवक की हालत बिगड़ने लगी और मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई
घटना के बाद परिजन घबरा गए और युवक को उपचार के लिए अलग-अलग स्थानों पर लेकर भटकते रहे। समय बीतने के साथ उसकी हालत और गंभीर होती चली गई। परिजन युवक को लेकर अंततः अमरोहा जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इमरजेंसी वार्ड में मौजूद चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद इकबाल ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना समय गंवाए उपचार शुरू किया। उन्होंने आवश्यक जांच और दवाइयों के साथ लगातार मरीज की निगरानी की। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने पूरी तत्परता के साथ इलाज किया समय पर मिले उपचार का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा और युवक की हालत में सुधार होने लगा। कई घंटों तक चली चिकित्सकीय निगरानी के बाद झुरन मांझी की स्थिति स्थिर हुई और वह खतरे से बाहर आ गया। युवक की जान बचने के बाद उसके परिजनों ने राहत की सांस ली परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते जिला अस्पताल में उचित उपचार नहीं मिलता, तो शायद युवक को बचाना मुश्किल हो जाता। उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद इकबाल और अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और तत्परता के कारण ही एक परिवार का चिराग बुझने से बच गया।
रिपोर्ट :-मौ। अज़ीम अमरोहा
