Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

खिरकिया विकासखंड में निर्माण कार्यों पर बड़ा विवाद गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, जांच और कार्रवाई की मांग तेज...........NN81

 


शिकायतकर्ता ने कई पंचायतों के निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, सप्लायर ने खुद को बताया बेगुनाह


। विकासखंड खिरकिया की ग्राम पंचायत चारूवा सहित कई ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नाली निर्माण, सीसी रोड, चबूतरा एवं शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता के आरोपों ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब ग्राम चारूवा निवासी भगवान सोनी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम अनुविभागीय अधिकारी खिरकिया को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर कई पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराने की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लाखों रुपए की लागत से हुए निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है।

ग्रामीणों ने भी पहले उठाए थे सवाल

शिकायत पत्र के अनुसार क्षेत्र के अनेक ग्रामीण समय-समय पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। कई स्थानों पर नालियों, सीसी सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बावजूद अब तक किसी स्तर पर व्यापक और प्रभावी जांच नहीं कराई गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच होती तो शासन की राशि से निर्मित परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती थी।

तकनीकी अमले की भूमिका भी सवालों के घेरे में

शिकायतकर्ता भगवान सोनी ने आरोप लगाया है कि पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्य तकनीकी अमले की देखरेख में संपन्न होते हैं, फिर भी यदि कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाई जा रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से यह संदेह पैदा होता है कि कहीं न कहीं निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी अथवा अन्य कारणों से गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसी आधार पर सभी पुराने निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की गई है।

दोषियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा निर्माण एजेंसी की लापरवाही अथवा दोष सिद्ध होता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में शासकीय कार्यों से वंचित करते हुए ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठाई गई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर कार्रवाई होने से भविष्य में निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।

चारूवा में प्रस्तावित नाली निर्माण पर रोक लगाने की मांग

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू वर्तमान में ग्राम पंचायत चारूवा में प्रस्तावित नाली निर्माण कार्य को लेकर भी सामने आया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूर्व में हुए निर्माण कार्यों की जांच पूरी होने तक नए निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि पुराने कार्यों में अनियमितताएं सामने आती हैं तो नई परियोजनाओं में भी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे तथा शासन की राशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

राहुल सोनी ने आरोपों को बताया निराधार

मामले में नाम सामने आने के बाद राहुल सोनी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी निर्माण कार्य के ठेकेदार या मिस्त्री नहीं हैं और न ही निर्माण कार्यों के निष्पादन से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध है। राहुल सोनी के अनुसार उनका कार्य केवल पंचायतों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित है। वे एक बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर के रूप में सामग्री की आपूर्ति करते हैं, जबकि निर्माण कार्यों का संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं तकनीकी निरीक्षण संबंधित निर्माण एजेंसी और विभागीय अमले की जिम्मेदारी होती है। 

जिम्मेदारी को लेकर आमने-सामने पक्ष

पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह बन गया है कि यदि निर्माण कार्यों में वास्तव में गुणवत्ता संबंधी खामियां हैं तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। शिकायतकर्ता जहां निर्माण कार्यों से जुड़े सभी पक्षों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं राहुल सोनी स्वयं को केवल सामग्री प्रदाता बताकर जिम्मेदारी से अलग बता रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और वास्तविक जिम्मेदार कौन हैं।

इनका कहना

आवेदन आया है सीईओ साहब को भेजकर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिवांगी बघेल, एसडीएम खिरकिया।

ग्राम पंचायत सचिव मयंक पस्टारिया का पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes