कोण्डागांव/फरसगांव :~ फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुलहाड़गांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम जुगानी कैंप में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान केशव हालदार (पिता निताई हालदार) ने अपने खेत के पास जंगल में सोमवार को ज़हर पीकर आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम के पीछे फसल के अवशेष जलाने के दौरान पड़ोसी के खेत में हुए नुकसान की भरपाई का मानसिक तनाव बताया जा रहा है।
*सालबीज बीनने गई महिलाओं ने देखा शव*
सोमवार को जंगल में कुछ ग्रामीण महिलाएं सालबीज बीनने गई हुई थीं। इसी दौरान उन्होंने जंगल में केशव हालदार का शव संदिग्ध अवस्था में देखा। महिलाओं ने तुरंत इसकी खबर गांव में दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और फरसगांव पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
*हादसे की आग बनी आत्मघाती कदम की वजह!*
मिली जानकारी के अनुसार, घटना की पटकथा 7 जून को ही लिख दी गई थी। किसान केशव हालदार अपने खेत की सफाई के लिए फसल के अवशेषों (नरवाई) को जला रहे थे। इसी दौरान आग अचानक बेकाबू होकर फैल गई और पड़ोसी के खेतों तक जा पहुंची।
इस आगजनी में पड़ोसी के पूरे खेत में लगा कीमती **ड्रिप इरिगेशन सिस्टम (टपक सिंचाई पाइपें) जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया**, जिससे पड़ोसी को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
*मुआवजे के दबाव में थे बुजुर्ग किसान*
*चर्चाओं का बाजार गर्म:* खेत में आग लगने के बाद दोनों पक्षों के बीच भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। हालांकि, बाद में सामाजिक सूझबूझ से नुकसान की भरपाई करने पर आपसी सहमति बन गई थी। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्ग किसान इतनी बड़ी रकम की भरपाई करने में खुद को असमर्थ पा रहे थे। गांव में चर्चा है कि इसी भारी नुकसान की भरपाई न कर पाने के चलते वे गहरे मानसिक तनाव में थे, जिसके कारण उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
*हर पहलू की जांच में जुटी फरसगांव पुलिस*
फरसगांव पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। फरसगांव थाना प्रभारी चंद्रशेखर श्रीवास का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के हर कारण और कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, परिजनों और ग्रामीणों के बयान के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
प्रोनित दत्ता
