सालेकसा नगर के जमींदार बाड़े के समीप स्थित शिव मंदिर के पास गुरुवार सुबह एक घायल बंदर दिखाई देने से क्षेत्र में हलचल मच गई। बंदर एक पैर से चलने में असमर्थ था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वह बंदरों के झुंड का मुखिया हो सकता है तथा आपसी संघर्ष में घायल हुआ होने की संभावना है।
घायल बंदर को सबसे पहले स्थानीय नागरिक धरमुजी असाटी ने देखा। उन्होंने तत्काल गोंदिया जिला प्राणी क्लेश प्रतिबंधक समिति के सदस्य रघुनाथ भूते को फोन कर इसकी जानकारी दी और मदद की अपील की। सूचना मिलते ही रघुनाथ भूते मौके पर पहुंचे तथा बंदर की स्थिति का निरीक्षण किया। परीक्षण के बाद उन्होंने महसूस किया कि घायल बंदर को तत्काल उपचार और देखभाल की आवश्यकता है।
इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सहायक वन संरक्षक (DFO) पवनकुमार जोंग, सहायक वन अधिकारी सचिन डोगरवार तथा आमगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) एस. के. आकरे के मार्गदर्शन में वन विभाग की रिलीफ वैन मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू अभियान में वनरक्षक आर. आर. नेवारे, वन मजदूर योगेंद्र सोमवंशी, पुरुषोत्तम तुरकर तथा रैपिड रेस्क्यू टीम (RRT) के सदस्य महेंद्र रयेतिया, आशीष मंडारी, रामेश्वर किरसान और प्रदीप रहांगडाले ने भाग लिया। टीम ने घायल बंदर को प्राथमिक उपचार प्रदान किया और आगे की देखभाल एवं उपचार के लिए उसे आमगांव वन विभाग के मुख्यालय ले जाया गया।
इस त्वरित कार्रवाई के लिए उपस्थित नागरिकों ने रघुनाथ भूते एवं वन विभाग की टीम की सराहना की। धरमुजी असाटी, बालाराम व्यास सहित अन्य लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। दिनेश मानकर सालेकसा
