Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

सोनपुरी में अवैध ईंट भट्टों का धंधा जोरों पर, राजस्व प्रशासन पर उठे सवाल,.................NN81



वन संपदा को नुकसान, राजस्व की कथित हानि और बाल श्रमिकों से काम कराने के आरोप; ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई


गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील अंतर्गत सोनपुरी साजा क्षेत्र में कथित रूप से अवैध ईंट भट्टों का संचालन बड़े पैमाने पर होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन भट्टों के कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ईंट भट्टों पर 18 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाओं से भी काम कराए जाने की चर्चा है। यदि यह सत्य पाया जाता है तो यह गंभीर कानूनी उल्लंघन होगा। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई स्थानों पर वन भूमि तथा अन्य क्षेत्रों में कथित रूप से अवैध ईंट भट्टे संचालित किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों एवं कुछ वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है। इन दावों की भी स्वतंत्र जांच होना आवश्यक है।

सालेकसा तहसील के कहाली, निंबा, मुंडीपार, पानगांव, पिपरिया, दरेकसा, जमाकुडो, धानोली, बिंजली, नानवा, खोलगढ़, झालिया, कावराबांध, सावंगी, पिपरटोला, बीजेपार, पांढरवानी, कोटरा, तीरखेड़ी सहित कई गांवों तथा आमगांव तहसील के ठाणा, दहेगांव, सीतेपार, कातुर्ली, कट्टीपार, मुंडीपार, कवड़ी और वडद क्षेत्र में भी अवैध ईंट भट्टों के संचालन की शिकायतें सामने आई हैं।

ग्रामीणों ने नव नियुक्त जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा यदि ईंट भट्टे नियमों के अनुरूप संचालित किए जा सकते हैं तो उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के तहत पंजीकृत कर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है।

बॉक्स : बारिश के मौसम में बढ़ जाते हैं ईंटों के दाम

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश का मौसम शुरू होते ही ईंटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। आरोप है कि 1,500 ईंटों की एक ट्रॉली 9,000 से 10,000 रुपये तक में बेची जाती है। साथ ही, पहले से बड़ी मात्रा में ईंटों का भंडारण भी किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पूरे मामले की जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए ताकि शासन को राजस्व प्राप्त हो और अवैध कारोबार पर रोक लग सके।                                    दिनेश मानकर                   सालेकसा

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes