Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

तीन दिन में किसानों को मिले ओलावृष्टि मुआवजा, नहीं तो होगी कार्रवाई : मण्डलायुक्त...............NN81



विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, गुणवत्ता व समयबद्धता पर जोर

ललितपुर। झांसी मण्डल आयुक्त एवं नोडल अधिकारी बिमल कुमार दुबे ने शनिवार को जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में मण्डलायुक्त ने सभी विभागों की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने ओलावृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जनपद में 5070 किसानों के दावों का सर्वे पूरा हो चुका है और जिला स्तर की सभी औपचारिकताएं भी पूर्ण हो गई हैं, इसके बावजूद कई किसानों के खातों में मुआवजा राशि नहीं पहुंची है। इस पर उन्होंने बैठक में मौजूद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि शेष किसानों के खातों में अगले तीन दिनों के भीतर मुआवजा राशि जारी की जाए, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए गए कि गत वर्ष के मुकाबले कम से कम 10 प्रतिशत अधिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए। वहीं विद्युत विभाग की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने झटपट पोर्टल पर लंबित विद्युत संयोजन आवेदनों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कर नए कनेक्शन जारी करने तथा जनपद में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मण्डलायुक्त ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप उनकी कार्यशैली और सेवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति कार्यालय से असंतुष्ट होकर लौटता है तो यह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में कमी को दर्शाता है। यदि किसी समस्या का समाधान संबंधित विभाग में संभव न हो तो आवेदक का उचित मार्गदर्शन किया जाए और आवश्यकता पडऩे पर उसे संबंधित अधिकारी या विभाग तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने स्टेकहोल्डर्स के साथ नियमित बैठकें करें तथा विभागीय योजनाओं, सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी गांव-गांव और आम जनता तक पहुंचाएं, ताकि अधिकाधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में एसपी मो. मुश्ताक, डीएफओ, सीएमओ, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, डीआईओएस, बीएसए, डीआईओ, डीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

संवाददाता-आलोक खरे


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes