बागोर फीडर से जुड़े बावलास, अड़सीपुरा, कापड़िया माता मगरी सहित आसपास के गांवों में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर रखरखाव और बेहतर आपूर्ति के नाम पर बिजली बंद रखने की सूचना तो दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार मामूली फॉल्ट होने पर भी कई-कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे घरेलू और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि बागोर से बावलास तक गुजरने वाली 11 केवी लाइन के कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां बिजली तारों के बेहद करीब हैं, जो तेज हवा और बारिश के दौरान फॉल्ट और बार-बार बिजली कटौती का कारण बनती हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष रखरखाव और पेड़ों की छंटाई के नाम पर बजट खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर लाइनों के आसपास उगी टहनियों की नियमित छंटाई और आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाएं तो बिजली बाधित होने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों की शाखाओं के बीच से गुजर रहे हैं, जिससे फॉल्ट के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार बिगड़ती व्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। वहीं ग्रामीणों का सवाल है कि जब हर साल रखरखाव और लाइन सुधार पर बजट खर्च किया जाता है, तो फिर क्षेत्र में बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं क्यों बनी हुई हैं।
